Rupee vs Dollar: 20 पैसे की गिरावट के साथ 93.73 पर फिसला भारतीय रुपया

Mumbai : मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे टूटकर 93.73 के स्तर पर जा पहुँचा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange) में स्थानीय मुद्रा 93.66 पर खुली थी, लेकिन जल्द ही यह फिसलकर 93.73 के स्तर पर आ गई, जो इसके पिछले बंद भाव से महत्वपूर्ण गिरावट को दर्शाता है।
गिरावट के मुख्य कारण
रुपये की इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती: वैश्विक स्तर पर ‘ग्रीनबैक’ (अमेरिकी डॉलर) की मांग बढ़ने और अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले इसके मजबूत होने से रुपये पर दबाव बढ़ा है।
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। तेल की कीमतों में उछाल से डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे घरेलू मुद्रा कमजोर होती है।
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता: रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत जारी होने के संकेत दिए हैं, फिर भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और व्यापारिक वार्ताओं का सीधा असर मुद्रा बाजार पर पड़ रहा है।
बाजार की वर्तमान स्थिति
शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार दोनों ही वैश्विक संकेतों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर चिंता है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो देश का व्यापार घाटा बढ़ सकता है और मुद्रास्फीति (Inflation) पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये को इस गिरावट से उबारने के लिए कूटनीतिक समाधान और रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है। आने वाले दिनों में डॉलर की चाल और तेल की कीमतों पर रुपये का भविष्य निर्भर करेगा।





