विदेश

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव: ईरान की वैश्विक चेतावनी, अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को तीन हफ्ते हो चुके हैं और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके जवाबी कदम अब क्षेत्र से बाहर भी बढ़ सकते हैं और दुनिया भर के पार्क, पर्यटन स्थल और सार्वजनिक जगहें भी निशाने पर आ सकती हैं।

वहीं, अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले से मौजूद 50,000 सैनिकों के अलावा अमेरिका ने तीन युद्धपोत और करीब 2,500 मरीन तैनात किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार मध्य पूर्व में अपने सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रही है, लेकिन इसके साथ ही नई तैनातियां भी जारी हैं।

संघर्ष कम होने के बजाय और तेज होता दिख रहा है। शनिवार सुबह इजराइल ने दावा किया कि ईरान ने उसकी ओर मिसाइल दागी, जबकि सऊदी अरब ने अपने पूर्वी इलाके में 20 ड्रोन को मार गिराने की बात कही है। इन घटनाओं में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

यह तनाव तब और बढ़ा जब इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान और साउथ पार्स गैस फील्ड पर हवाई हमले किए। वहीं, ईरान अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता है।

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि हमलों के बावजूद उनकी सैन्य और मिसाइल क्षमताएं बरकरार हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर ने भी कहा कि अमेरिका और इजराइल यह मान रहे हैं कि शीर्ष नेताओं को निशाना बनाकर सरकार को कमजोर किया जा सकता है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है।

इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं, जो पहले करीब 70 डॉलर थी। इससे ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब तक इस संघर्ष में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में 1300 से ज्यादा, लेबनान में 1000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और अमेरिका के कम से कम 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।

कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बनता जा रहा है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button