चंडीगढ़ की रिटायर्ड टीचर से 48 लाख की ठगी, पुलिस और NIA अधिकारी बनकर डराया

चंडीगढ़ के सेक्टर 20 में रहने वाली एक रिटायर्ड स्कूल टीचर कथित तौर पर बड़े Digital Arrest Scam का शिकार हो गईं। साइबर ठगों ने खुद को चंडीगढ़ पुलिस, NIA और ATS के अधिकारी बताकर उन्हें कई दिनों तक डराया और वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। इसके बाद महिला से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत 16-17 सितंबर के आसपास हुई, जब महिला को WhatsApp पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को चंडीगढ़ पुलिस का Assistant Sub-Inspector बताया।
SIM कार्ड और आतंकी कनेक्शन का डर दिखाया
कथित पुलिस अधिकारी ने महिला से कहा कि उनके नाम पर जम्मू-कश्मीर में एक SIM कार्ड रजिस्टर्ड है, जिसका इस्तेमाल आतंकियों और हवाला लेनदेन से जुड़े एक मामले में हुआ है।
इसके बाद ठगों ने दावा किया कि हवाला से जुड़े करीब 70 लाख रुपये महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। मामले को और गंभीर दिखाने के लिए आरोपियों ने खुद को National Investigation Agency (NIA) और Anti-Terror Squad (ATS) के अधिकारी भी बताया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ठगों ने महिला को एक कथित Supreme Court order भी दिखाया, ताकि उन्हें विश्वास हो जाए कि वह वास्तव में किसी बड़े कानूनी मामले में फंस गई हैं।
वीडियो कॉल पर रखते थे निगरानी
ठगों ने कथित तौर पर महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर किया। उन्हें परिवार के सदस्यों, खासकर अपने बच्चों से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई।
डर और दबाव के बीच महिला ने आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
Cyber Police ने दर्ज किया मामला
महिला की शिकायत के आधार पर सेक्टर 17 स्थित Cyber Police Station में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह पुलिस, जांच एजेंसियों और अदालतों के नाम का इस्तेमाल करके लोगों में डर पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान कॉलर के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर करने के बजाय संबंधित एजेंसी या पुलिस से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना जरूरी है।





