राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के साथ रिश्तों को बताया खास, बोले- आपदा में मदद करना भारत का फर्ज, एहसान नहीं

कोलंबो में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत और करीबी रिश्तों पर जोर दिया। सिंह ने दोनों देशों को लोकतंत्र की मजबूती और उसकी दृढ़ता के उदाहरण बताया।
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच विकास सहयोग, शिक्षा और साझा सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत विरासत से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की Vision MAHASAGAR में श्रीलंका का महत्वपूर्ण स्थान है और नई दिल्ली श्रीलंका के विकास और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।
महिला नेतृत्व और भारत से श्रीलंका के रिश्ते पर जोर
राजनाथ सिंह ने भारत और श्रीलंका की मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों में महिला नेतृत्व की भूमिका की भी सराहना की।
सिंह ने श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या के भारत से जुड़ाव का भी जिक्र किया। अमरसूर्या ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के साथ उनका यह संबंध दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने में योगदान देगा।
चक्रवात में भारत की मदद को बताया फर्ज
बैठक में Ditwah Cyclone के बाद भारत की ओर से श्रीलंका को दी गई सहायता का भी जिक्र हुआ। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने Operation Sagar Bandhu के तहत श्रीलंका को व्यापक मदद पहुंचाई।
उन्होंने साफ कहा कि संकट के समय श्रीलंका की मदद करना भारत का “कर्तव्य और दायित्व” है, यह किसी तरह का एहसान नहीं है।
भारत ने चक्रवात के बाद श्रीलंका में राहत और बचाव प्रयासों में सहायता उपलब्ध कराई थी।
श्रीलंकाई राष्ट्रपति से भी मिले राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से भी मुलाकात की। उन्होंने बैठक को बेहद उपयोगी और सार्थक बताया।
सिंह ने भरोसा जताया कि राष्ट्रपति दिसानायके के नेतृत्व में भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा।
भारत और श्रीलंका के रिश्तों की अहमियत को देखते हुए दोनों देशों के बीच विकास, शिक्षा और साझा सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
आर्थिक संकट में भी भारत ने दिया था साथ
श्रीलंका के 2022 के गंभीर आर्थिक संकट के दौरान भी भारत ने पड़ोसी देश की मदद की थी। भारत ने उस दौरान करीब 4 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी। इस मदद से श्रीलंका को जरूरी आयात और विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखने में सहायता मिली।
गंगारामया मंदिर पहुंचे राजनाथ सिंह
श्रीलंका दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने कोलंबो स्थित गंगारामया मंदिर में भी दर्शन किए और भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा कि बुद्ध का शांति, भाईचारे और आपसी समझ का संदेश आज भी महत्वपूर्ण है। राजनाथ सिंह के मुताबिक, मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में भी इन मूल्यों की अहम भूमिका हो सकती है।
भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच रणनीतिक और विकास सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।





