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एक फ्रेम में मोदी, जिनपिंग, पुतिन और शहबाज शरीफ, SCO समिट में दिखा दुर्लभ नजारा

मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक ही फ्रेम में नजर आए। चारों नेता SCO के आधिकारिक सामूहिक फोटो के दौरान साथ दिखाई दिए।

नेताओं की इस तस्वीर को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी अलग-अलग स्तर पर हैं। ऐसे में एक ही मंच पर इन चारों देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

मोदी-जिनपिंग और पुतिन से हुई संक्षिप्त बातचीत

सामूहिक फोटो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संक्षिप्त बातचीत करते हुए भी दिखाई दिए। नेताओं का यह छोटा-सा संवाद भी कैमरों में कैद हो गया।

सभी नेता बिश्केक के यरिस ओर्दो कांग्रेस हॉल में आधिकारिक सामूहिक तस्वीर के लिए एकत्र हुए थे। इसके बाद इसी जगह SCO शिखर सम्मेलन से इतर नेताओं के बीच गोलमेज चर्चा भी हुई।

SCO सम्मेलन में कौन-कौन से नेता पहुंचे?

26वें SCO शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा साझेदार और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव, जो इस समय संगठन के अध्यक्ष हैं, ने बैठक की अगुवाई की।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और शहबाज शरीफ के अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन भी मौजूद रहे।

मोदी और पुतिन की भी हुई अहम मुलाकात

SCO सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हर उस प्रयास का समर्थन करता है, जो शांति की दिशा में आगे बढ़ता है।

पुतिन ने भी मोदी के साथ भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने की बात कही। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पुतिन की आगामी भारत यात्रा को लेकर भी चर्चा हो रही है।

ईरान के राष्ट्रपति से भी मिले PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं की करीब दो साल बाद आमने-सामने मुलाकात हुई।

SCO सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

SCO का कितना महत्व है?

शंघाई सहयोग संगठन में 10 सदस्य देश शामिल हैं। संगठन में 15 साझेदार देश और दो पर्यवेक्षक देश भी हैं। SCO के सदस्य देश दुनिया की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में करीब 25 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।

बिश्केक में हो रहा 26वां SCO शिखर सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब दुनिया कई भू-राजनीतिक तनावों और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में मोदी, जिनपिंग, पुतिन और शहबाज शरीफ का एक ही फ्रेम में नजर आना सम्मेलन के सबसे चर्चित दृश्यों में से एक बन गया है।

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