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SCO समिट में PM मोदी ने बिश्केक घोषणा पत्र पर किए हस्ताक्षर, 27 अन्य दस्तावेजों पर भी बनी सहमति

बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में बिश्केक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। SCO के अन्य सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भी इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए।

यह सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव ने की। इस बार सम्मेलन की थीम ‘SCO के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना’ रही।

27 अन्य दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर

बिश्केक घोषणा पत्र के साथ SCO नेताओं ने 27 अन्य दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर किए। इनमें SCO सदस्य देशों की सुरक्षा से जुड़े खतरों और चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा केंद्र के नियम और 2026 से 2030 तक बंदरगाहों व लॉजिस्टिक्स केंद्रों के विकास की कार्ययोजना शामिल है।

इसके अलावा परमाणु और परमाणु सुरक्षा को मजबूत करने, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और 2026-2030 के लिए SCO ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर’ बनाने से जुड़े दस्तावेजों पर भी सहमति बनी।

आतंकवाद और सीमा पार अपराध से निपटने पर जोर

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, SCO के साझा सुरक्षा केंद्र से आतंकवाद, कट्टरपंथ, संगठित अपराध और अन्य सीमा पार खतरों से निपटने में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इससे सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल को भी मजबूत किया जा सकेगा।

SCO के चार्टर में बदलाव से जुड़े प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, इससे भारत को संगठन के बदलते ढांचे को तय करने में अपनी भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। साथ ही SCO के कामकाज में अंग्रेजी भाषा को शामिल करने का रास्ता भी मजबूत होगा।

जलवायु और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग

SCO देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत जलवायु अनुकूलन, तकनीक और क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में मिलकर काम किया जाएगा।

ऊर्जा प्रणालियों के विकास और आधुनिकीकरण से जुड़े दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा ऊर्जा बचत और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीक, अनुभव और बेहतर तरीकों को साझा करने पर जोर दिया गया।

नशे के खिलाफ मिलकर काम करेंगे देश

SCO देशों ने 2030 तक सिंथेटिक ड्रग्स और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रसार को रोकने के लिए एक कार्यक्रम भी अपनाया। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की एजेंसियों के बीच जानकारी और कार्रवाई से जुड़ा सहयोग बढ़ाना है।

2030 तक नशे की लत से निपटने के लिए भी SCO देशों के बीच सहयोग कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत नशे की रोकथाम, इलाज और पुनर्वास से जुड़े अनुभव साझा किए जाएंगे।

PM मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराया

इससे पहले SCO समिट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विवादों को सुलझाने का रास्ता बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।

PM मोदी ने कनेक्टिविटी, तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने भारत की ओर से पहला SCO सभ्यता संवाद मंच आयोजित करने की तैयारी की घोषणा भी की।

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