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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर PM मोदी ने मां को किया याद

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ के विमोचन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दिवंगत मां हीराबेन को भावुकता के साथ याद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मां 100 साल से अधिक समय तक उनके साथ रहीं और उन्हें उनका आशीर्वाद मिलता रहा, फिर भी आज उनकी अनुपस्थिति की कमी उन्हें गहराई से महसूस होती है।

कोविंद की मां के संघर्ष का किया जिक्र

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा में उनके बचपन से जुड़े एक प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बचपन में कोविंद के घर में आग लग गई थी। इस दौरान उनकी मां ने घर के सामान को बचाने की कोशिश की और इसी प्रयास में उनकी जान चली गई।

पीएम मोदी ने कहा कि इतनी कम उम्र में मां को इस तरह खोना किसी बच्चे के लिए कितना पीड़ादायक रहा होगा, इसकी कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिवारों के लिए घर की हर वस्तु महत्वपूर्ण होती है और इसी भावना के चलते कोविंद की मां ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना सामान बचाने का प्रयास किया।

पीएम मोदी ने अपनी मां को किया याद

इस प्रसंग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी मां हीराबेन को याद किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनकी मां 100 साल से अधिक समय तक जीवित रहीं और उन्हें उनका आशीर्वाद मिलता रहा।

पीएम मोदी ने कहा कि इसके बावजूद “आज भी उनकी अनुपस्थिति की कमी गहराई से महसूस होती है।”

हीराबेन का दिसंबर 2022 में 99 वर्ष की आयु में निधन हुआ था।

युवाओं को आत्मकथाएं पढ़ने का संदेश

पीएम मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की आत्मकथा के माध्यम से उस दौर को समझने का अवसर मिलता है, जिसे उस व्यक्ति ने स्वयं जिया है।

उन्होंने आज के सोशल मीडिया और रील्स के दौर का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया influencers लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं, लेकिन युवाओं को जीवन में शॉर्टकट अपनाने से बचना चाहिए।

उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर लिखे एक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा, “Shortcut will cut you short.”

कोविंद ने साझा किए बचपन और संघर्ष के अनुभव

आत्मकथा के विमोचन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपने बचपन और जीवन के संघर्षों को याद किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित अपने गांव में बिताए बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें वहां के लोगों से आपसी करुणा, प्रेम और सहयोग जैसे मूल्यों की सीख मिली।

उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को याद करते हुए बताया कि बारिश के दौरान उनके घर की छत से पानी टपकता था और परिवार को बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ता था।

कोविंद ने कहा कि आज सरकारी आवास योजनाओं के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है, जिससे उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कोविंद ने कहा कि आम कार्यकर्ताओं से जुड़ने और उन्हें समझने की उनकी क्षमता ने भी उन्हें प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़ने के पीछे उनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि होने की भावना महत्वपूर्ण थी और पार्टी ने उनके विचार में वंशवाद तथा समुदाय से ऊपर राष्ट्र को प्राथमिकता दी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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