PM मोदी बोले- नई ऊंचाइयों पर पहुंचे भारत-फ्रांस संबंध, पेरिस में BAPS मंदिर को बताया सांस्कृतिक सेतु

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत और फ्रांस के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ बताया। पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक जुड़ाव पर आधारित खास वैश्विक रणनीतिक साझेदारी बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस में बना यह मंदिर आने वाली सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और नए अवसरों का प्रतीक बन सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। साल 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है।
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris.@BAPS https://t.co/PaXRoM0mkv
— Narendra Modi (@narendramodi) September 6, 2026
भारत-फ्रांस के रिश्तों में संस्कृति की अहम भूमिका
पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान और भारतीय आध्यात्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाने में फ्रांसीसी विद्वान रोमां रोलां के योगदान को याद किया।
उन्होंने ‘द मदर’, श्रील प्रभुपाद और फ्रांस में योग की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस का नया मंदिर दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को एक नया आयाम देगा।
भारत की कारीगरी और फ्रांस की तकनीक का मेल
प्रधानमंत्री ने बताया कि मंदिर के कई पत्थरों पर भारत में नक्काशी की गई है। मंदिर में पारंपरिक भारतीय कारीगरी और आधुनिक फ्रांसीसी इंजीनियरिंग का मेल देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि यह मंदिर फ्रांस की सांस्कृतिक विविधता को और समृद्ध करेगा और पूरे यूरोप में भारत के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान देगा।
सेवा का केंद्र भी बनेगा मंदिर
पीएम मोदी ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर केवल पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि सेवा के केंद्र के रूप में भी काम करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेरिस का मंदिर भी अलग-अलग सेवा परियोजनाओं के जरिए लोगों की मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि यह मंदिर भारतीय संस्कृति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी यूरोप के लोगों तक पहुंचाएगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह भविष्य में इस मंदिर का दौरा करने की कोशिश करेंगे।





