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‘पैसों की कमी नहीं, इच्छाशक्ति की कमी’, PM CARES Fund को लेकर CJP का सरकार पर निशाना

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने PM CARES Fund में जमा राशि को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि फंड में करीब 8,452 करोड़ रुपये हैं, जबकि ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बच्चों को पीने के पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिपके ने एक वीडियो जारी कर कहा कि हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक PM CARES Fund में करीब 8,500 करोड़ रुपये जमा हैं। उन्होंने सवाल किया कि इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं सुधारने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है।


‘स्कूलों में पीने के पानी तक की सुविधा नहीं’

दिपके ने कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से गांवों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कई स्कूलों की हालत खराब है और बच्चों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से कई बार स्कूलों में सुविधाओं की कमी के पीछे पैसों की कमी को वजह बताया जाता है। ऐसे में उनका सवाल है कि जब स्कूलों के लिए फंड की कमी बताई जाती है, तो PM CARES Fund में जमा इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।

एक साल में 17.8 फीसदी बढ़ा फंड

PM CARES Fund के ऑडिट किए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में फंड का कुल कोष 7,173.03 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया। यानी इसमें करीब 17.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान घरेलू चंदे में करीब 30 फीसदी और विदेशी चंदे में 18 फीसदी से ज्यादा की कमी आई। इसके बावजूद फंड की कुल राशि बढ़ी। इसकी बड़ी वजह फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज और अलग-अलग एजेंसियों से मिली रकम की वापसी रही।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में फंड को फिक्स्ड डिपॉजिट से 469.38 करोड़ रुपये का ब्याज मिला, जबकि एजेंसियों से 324.66 करोड़ रुपये वापस मिले। 31 मार्च 2025 तक फंड में 605.41 करोड़ रुपये बचत खातों में और 7,846.65 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में थे।

दिपके ने गिनाया 1,000 से ज्यादा स्कूलों का हिसाब

अभिजीत दिपके ने अनुमान लगाया कि अगर एक आधुनिक और सुविधाओं से लैस स्कूल बनाने में करीब 8 करोड़ रुपये खर्च हों, तो 8,500 करोड़ रुपये से 1,000 से ज्यादा मॉडल स्कूल बनाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस पैसे से स्कूलों में बिजली, पीने का पानी, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जा सकता है।

CJP ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सवाल उठाते हुए कहा कि इस राशि का इस्तेमाल स्कूलों के निर्माण और मरम्मत के लिए क्यों नहीं किया जा सकता। पार्टी ने दावा किया कि समस्या पैसों की कमी नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी है।

क्या है PM CARES Fund?

PM CARES Fund की शुरुआत 27 मार्च 2020 को कोविड-19 महामारी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई थी। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं, जबकि रक्षा, गृह और वित्त मंत्री इसके ट्रस्टी हैं।

यह फंड मुख्य रूप से स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर करता है। इससे कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और PM CARES for Children जैसी योजनाओं के लिए सहायता दी गई है।

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रहा CJP

अभिजीत दिपके की यह मांग CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच सामने आई है। पार्टी ने 15 अगस्त से ग्रामीण सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर यह अभियान शुरू किया है।

अभियान के तहत स्कूलों में बिजली, पीने का पानी, शौचालय और मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों का सामाजिक ऑडिट और ग्रामीण इलाकों में छात्रों के लिए परिवहन व्यवस्था बेहतर करने की मांग भी उठाई जा रही है।

PM CARES से खर्च में 94 फीसदी की गिरावट

आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में PM CARES for Children योजना पर 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए। इससे पिछले वित्त वर्ष में इस योजना पर 15.38 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

इस तरह एक साल में इस मद में खर्च करीब 94 फीसदी कम हुआ। 8,452.07 करोड़ रुपये के कुल कोष की तुलना में 2024-25 में इस योजना पर हुआ खर्च करीब 0.01 फीसदी था।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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