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Verified: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ग्लेशियर वीडियो का पर्दाफाश

सोशल मीडिया पर नेपाल में हालिया तबाही से जोड़कर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जानें क्या है इस वायरल दावे की पूरी सच्चाई।

NM Verified: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें गंदले पानी का तेज सैलाब, बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़े और ग्लेशियर को चीरता हुआ पानी देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए हालिया विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियर फटने का है। कुछ यूजर्स का यह भी कहना है कि इसमें एक चीनी हेलीकॉप्टर उस जगह को कैप्चर कर रहा है जहाँ से बाढ़ नेपाल और तिब्बत में दाखिल हुई थी।

पड़ताल और असली वीडियो की लोकेशन

जब इस वायरल दावे की गहराई से जांच की गई, तो यह पूरी तरह भ्रामक निकला। रिवर्स इमेज सर्च और जांच के दौरान यह सामने आया कि यह वीडियो नेपाल या तिब्बत का नहीं है। असली वीडियो अमेरिकी पायलट और कंटेंट क्रिएटर ‘लेई कोट्स’ (Leigh Coates) का है। उन्होंने इस फुटेज को जनवरी 2025 में यूट्यूब पर और 22 अगस्त 2026 को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था। यह फुटेज अलास्का (Alaska) के कोलंबिया ग्लेशियर (Columbia Glacier) की है।

क्या है जोकुलहलाउप (GLOF) की घटना?

वीडियो में नजर आ रही घटना ‘जोकुलहलाउप’ (Jökulhlaup) यानी ग्लेशियर लेक आउटर्स्ट फ्लड (GLOF) की है। यह तब होता है जब ग्लेशियर के नीचे फंसा पानी अचानक बाहर निकल आता है। पायलट लेई कोट्स ने खुद भी एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए साफ किया था कि यह वीडियो अलास्का का है और इसका नेपाल-तिब्बत की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया पर नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के नाम पर शेयर किया जा रहा वीडियो असली है, लेकिन वह नेपाल का नहीं बल्कि अलास्का के कोलंबिया ग्लेशियर का है। पुरानी और अलग जगह की फुटेज को हालिया आपदा से जोड़कर गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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