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Nepal Floods: मौत का आंकड़ा 962 के करीब, 3,925 लोग लापता; एक घर से मिले 23 शव

Nepal Floods: नेपाल में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या 962 के करीब पहुंच गई है, जबकि 3,925 लोग अभी भी लापता हैं।

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर गिरने के बाद आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। सड़कों, पुलों, स्कूलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

एक घर से मिले 23 शव

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नुवाकोट के बेत्रावती इलाके में एक ही घर से 23 शव बरामद किए गए। वहीं, भारत के उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से भी 13 शव बरामद हुए हैं। इन शवों को नेपाल भेजने की तैयारी की जा रही है।

11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 933 लोग लापता

बाढ़ के बाद 11 हाइड्रोपावर परियोजनाओं में 933 कर्मचारियों के फंसे या लापता होने की आशंका है।

त्रिशूली 3A परियोजना में बाढ़ आने के समय करीब 40 से 42 इंजीनियर काम कर रहे थे। वहीं, त्रिशूली 3B परियोजना में 118 कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल सेना की टीमें मलबे से भरी सुरंगों में खुदाई मशीनों, सर्चलाइट और नियंत्रित विस्फोटों की मदद से तलाश अभियान चला रही हैं।

10 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 323 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों की पहचान और तलाश के लिए नेपाल ने DNA किट, ड्रोन, LiDAR और अन्य विशेष उपकरणों की मांग की है। भारत, चीन समेत कई देश इस रेस्क्यू और राहत अभियान में मदद कर रहे हैं।

65 हजार लोगों को तत्काल मदद की जरूरत

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, करीब 65,000 लोगों को पानी, स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी तत्काल सहायता की जरूरत है। इसके अलावा हजारों बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षा और पोषण संबंधी मदद भी जरूरी बताई गई है।

खराब मौसम और मलबे से रेस्क्यू में मुश्किल

नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कें और पुल, सुरंगों में जमा मोटी कीचड़ और खराब मौसम रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी बाधा बने हुए हैं।

रेस्क्यू टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मलबा हटने और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के बाद मृतकों और लापता लोगों की संख्या में और बदलाव हो सकता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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