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नेपाल में बाढ़ से तबाही, मौत का आंकड़ा 1,204 के पार; करीब 4,500 लोग अब भी लापता

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों के ढहने से शुरू हुई इस आपदा ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव में घर, सड़कें और पुल बह गए, जबकि कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।

नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,204 हो गई है। करीब 4,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रहे हैं।

हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में करीब 100 हाइड्रोपावर कर्मचारी सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। इन सुरंगों के आसपास मिट्टी और मलबा जमा होने के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल बना हुआ है।

बचाव दल सुरंगों तक पहुंचने के लिए खुदाई कर रहे हैं, लेकिन बचाव शाफ्ट में पानी भरने से अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। अभी तक कुछ स्थानों से शव बरामद हुए हैं, जिससे सुरंगों में फंसे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

ग्लेशियर और चट्टानों के ढहने से आई तबाही

यह आपदा 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद शुरू हुई। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्लेशियर के नीचे मौजूद चट्टानी आधार के ढहने से बड़ी मात्रा में चट्टान, बर्फ और पिघला हुआ पानी नीचे की घाटियों में पहुंचा।

इस घटना से इतनी तेज हलचल हुई कि इसे 5.2 तीव्रता की भूकंपीय घटना के रूप में भी दर्ज किया गया। इसके बाद पानी और मलबे का तेज बहाव नदियों में पहुंचा और नेपाल तथा तिब्बत के कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई।

बाढ़ का पानी अपने साथ भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें लेकर नीचे आया, जिससे रास्ते में आने वाले घरों, इमारतों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा।

राहत पहुंचाना बना बड़ी चुनौती

संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है। कई सड़कें और संपर्क मार्ग तबाह होने के कारण प्रभावित इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।

राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाने के लिए वैकल्पिक तरीकों पर विचार कर रही हैं। कुछ इलाकों में सामान पहुंचाने के लिए कार्गो ड्रोन और स्थानीय पोर्टरों की मदद लेने की संभावना भी जताई गई है।

भारत ने बढ़ाई राहत और बचाव मदद

भारत नेपाल के राहत अभियान में लगातार मदद कर रहा है। भारत की ओर से पांचवीं राहत खेप नेपाल भेजी गई है। इसमें 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल, बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन चिकित्सा सामग्री शामिल है।

इससे पहले भी भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और बचाव उपकरण भेजे हैं। भारतीय टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हालांकि, खराब मौसम, मलबे और क्षतिग्रस्त संपर्क व्यवस्था के कारण लापता लोगों की तलाश अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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