न बीजेपी का पैसा, न राजनीतिक विरासत! शहजाद पूनावाला ने क्यों छोड़ी पार्टी? खुद खोला राज

बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी छोड़ने की वजह को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक जिम्मेदारियां और निजी परिस्थितियां उनके इस्तीफे की बड़ी वजह रहीं। पूनावाला ने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते और उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च खुद उठाना पड़ता है।
पूनावाला ने हाल ही में बीजेपी के सभी पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर काम करने से उन्हें पर्याप्त आमदनी नहीं होती थी।
‘मुझे किराया देना है’
शहजाद पूनावाला ने कहा कि उन्होंने 2024 से ही निजी क्षेत्र में जाने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि प्रवक्ता का काम 24 घंटे और पूरे साल चलता है, लेकिन इससे उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं।
उन्होंने कहा, “मुझे अपना किराया देना है। मेरा मकान मालिक मुझे इसलिए मुफ्त में घर नहीं देगा क्योंकि मैं बीजेपी से हूं।” पूनावाला ने यह भी बताया कि बीजेपी या कोई अन्य राजनीतिक पार्टी अपने प्रवक्ताओं को वेतन नहीं देती है। ऐसे में उन्होंने अब निजी क्षेत्र में काम करने का फैसला किया है।
‘न लेता हूं, न किसी नेता का बेटा हूं’
अपनी स्थिति समझाते हुए पूनावाला ने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते। उन्होंने कहा, “मैं किसी विरासत से नहीं आता। न मैं कुछ लेता हूं और न ही किसी बड़े नेता का बेटा हूं।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका इस्तीफा बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलने की वजह से नहीं है। हाल ही में बीजेपी ने अपनी नई संगठनात्मक टीम का ऐलान किया है, जिसमें स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। पूनावाला ने कहा कि बतौर प्रवक्ता ऐसे संगठनात्मक फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं होती और उन्हें नई टीम में शामिल होने की उम्मीद भी नहीं थी।
30 जुलाई को भी दिया था इस्तीफा
शहजाद पूनावाला ने सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने पार्टी के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली बार 30 जुलाई को इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था। इसके बाद काफी सोच-विचार करने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कायम रखा। पूनावाला ने कहा कि वह निजी क्षेत्र में जा रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की विचारधारा और काम का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह ‘व्यवस्था’ यानी संगठन छोड़ रहे हैं, लेकिन ‘व्यक्ति’ और ‘विचार’ नहीं।
शहजाद पूनावाला के पार्टी छोड़ने की अटकलें पिछले महीने से ही लगाई जा रही थीं। उस समय उन्होंने अपने एक्स प्रोफाइल से बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का जिक्र हटा दिया था।





