ईरान को मिला नया सर्वोच्च नेता, अली खामेनेई की मौत के बाद बेटे मोजतबा खामेनेई संभालेंगे सत्ता

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। देश की सर्वोच्च धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान का अमेरिका और इज़राइल के साथ सैन्य संघर्ष जारी है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हाल ही में हमलों में मौत हो गई थी, जिसके बाद नए नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
The representatives of the Assembly of Experts appointed and introduced Ayatollah Sayyid Mojtaba Hosseini Khamenei (may God protect him) as the Third Leader of the Sacred Islamic Republic of Iran under Article 108 of the Constitution. pic.twitter.com/gZgvEI7Ds2
— Khamenei Media (@Khamenei_m) March 8, 2026
कौन हैं मोजतबा खामेनेई ?
मोजतबा खामेनेई ईरान के एक प्रभावशाली धार्मिक नेता माने जाते हैं। वह लंबे समय से देश की सुरक्षा संस्थाओं और राजनीतिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, उनके संबंध ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps से भी मजबूत माने जाते हैं। अपने पिता के कार्यकाल के दौरान ही उन्हें सत्ता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था।
सुप्रीम लीडर की ताकत कितनी
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। देश की सेना, विदेश नीति, न्याय व्यवस्था और प्रमुख सरकारी संस्थानों पर अंतिम निर्णय का अधिकार इसी पद के पास होता है।
इस पद पर नियुक्ति Assembly of Experts नामक धार्मिक परिषद करती है, जिसमें 88 वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल होते हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और बढ़ सकता है तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही संकेत दिया था कि ईरान के नए नेता को लेकर वाशिंगटन की राय भी अहम होनी चाहिए। उनके बयान के बाद यह नियुक्ति अमेरिका-ईरान संबंधों में और तनाव पैदा कर सकती है।
इसी बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा है कि उनका देश ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखेगा।
युद्ध के बीच बढ़ा संकट
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष ने पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है। कई सैन्य ठिकानों, तेल भंडारण केंद्रों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
इस युद्ध का असर वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और व्यापार पर भी पड़ने लगा है।
मोजतबा खामेनेई का सुप्रीम लीडर बनना केवल ईरान की आंतरिक राजनीति ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की भू-राजनीति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में जब क्षेत्र पहले से ही युद्ध की स्थिति में है, नया नेतृत्व आने वाले दिनों में ईरान की रणनीति और वैश्विक संबंधों को तय करेगा।





