BRICS Summit: मोदी-पुतिन की अहम बैठक, PM ने पुतिन को दिया ‘तिरुक्कुरल’ का खास तोहफा

BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। BRICS Summit के दौरान हुई इस अहम द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल साहित्य की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ (Thirukkural) का रूसी भाषा में अनुवाद भी भेंट किया।
यह तोहफा ऐसे समय दिया गया है, जब भारत और रूस अपनी लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर व्यापार, उद्योग, परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुतिन को क्यों दी गई Thirukkural की रूसी प्रति?
‘तिरुक्कुरल’ तमिल साहित्य की सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है। इसे कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर ने लिखा था। इस ग्रंथ में कुल 1,330 दोहे हैं, जिनमें नैतिकता, सदाचार, शासन, प्रेम और जीवन जीने के तरीके जैसे विषयों पर विचार दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने इसका रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण राष्ट्रपति पुतिन को दिया। इससे एक तरफ भारत की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने रखा गया, वहीं रूसी भाषा में होने के कारण यह पुस्तक पुतिन के लिए आसानी से समझने योग्य भी है।
भारत-रूस संबंधों में संस्कृति से आगे आर्थिक साझेदारी पर जोर
मोदी और पुतिन की बैठक सिर्फ सांस्कृतिक तोहफे तक सीमित नहीं रही। दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग बढ़ाना भी बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा।
दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसके लिए भारत रूसी बाजार में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और भारतीय कंपनियों के लिए नए कारोबारी अवसर तलाश रहा है।
रेलवे से स्टील और परमाणु ऊर्जा तक सहयोग
भारत और रूस के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए INNOPROM India 2026 जैसी पहल पर भी जोर दिया जा रहा है। रेलवे, सुरंग निर्माण और स्टील क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
इसके अलावा दोनों देश सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसमें परमाणु ईंधन चक्र और परमाणु परियोजनाओं के पूरे जीवन-चक्र से जुड़ा सहयोग शामिल है।
क्रिटिकल मिनरल्स और उर्वरक भी एजेंडे में
भारत अपनी रणनीतिक और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई मजबूत करना चाहता है। ऐसे में रूस के साथ इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा दोनों देश उर्वरकों की सप्लाई को लेकर भी रणनीतिक साझेदारी और जॉइंट वेंचर की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं। रूस भारत के लिए उर्वरकों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
दोनों देशों के बीच कुशल कामगारों की आवाजाही बढ़ाने पर भी बातचीत होने की संभावना है, ताकि ज्यादा भारतीय skilled workers रूस में काम कर सकें।
रिश्तों को नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश
मोदी-पुतिन की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और रूस अपने पुराने रणनीतिक संबंधों को नए आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं। Thirukkural का रूसी संस्करण भेंट करना जहां दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश देता है, वहीं व्यापार, परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और उद्योग से जुड़े मुद्दे इस रिश्ते के बदलते आर्थिक आयाम को दिखाते हैं।





