म्यांमार में भीषण भूकंप, बचाव कार्य प्रभावित

रविवार (30 मार्च) को म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले के पास 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। यह झटका शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद महसूस किया गया, जिसमें अब तक 1,600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग लापता हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह झटका दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच दर्ज किया गया। हालांकि, भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इसकी तीव्रता 4.6 बताई, जबकि यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने इसे 5.2 मापा।
बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। USGS ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 10,000 से ज्यादा हो सकती है। अब भी 3,400 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं।
यह आपदा म्यांमार के लिए और भी मुश्किल भरी हो गई है, क्योंकि 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद देश पहले से ही भारी संकट में था। भूकंप से पहले ही लगभग 2 करोड़ लोग खाने-पीने और रहने की समस्या से जूझ रहे थे। अब बुनियादी सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इस भूकंप ने म्यांमार की कमजोर स्थिति को और बिगाड़ दिया है। लोगों की मदद करने के बजाय, म्यांमार की सेना ने शुक्रवार रात उत्तरी शान राज्य के नांग लिन गांव में बमबारी कर दी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
इस बीच, भूकंप के झटके लगातार जारी हैं। सबसे बड़ा झटका, 6.7 तीव्रता का, पहले भूकंप के केवल 10 मिनट बाद आया, जिससे और नुकसान हुआ। CNN के अनुसार, मंडाले से लगभग 20 मील दूर 4.9 और 6.7 तीव्रता के झटके भी महसूस किए गए।
हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों व राहत दलों को मदद पहुंचाने में मुश्किल हो रही है। म्यांमार के लोग अब दोहरी तबाही का सामना कर रहे हैं—एक तरफ प्राकृतिक आपदा और दूसरी ओर राजनीतिक अस्थिरता।





