बिहार में छात्र प्रदर्शन पर AK-47 से फायरिंग के आरोप के खिलाफ 19 अगस्त को मार्च, लालू ने किया ऐलान

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बिहार सरकार के कथित ‘तानाशाही रवैये’ के खिलाफ 19 अगस्त को पटना में मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च सिवान में पिछले महीने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर AK-47 इस्तेमाल किए जाने के मामले को लेकर निकाला जाएगा।
लालू प्रसाद ने कहा कि महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता मार्च में शामिल होंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
‘लोकतांत्रिक मांगों का जवाब AK-47 की गोलियों से’
लालू प्रसाद ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि छात्र और युवा पेपर लीक, खराब होती शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात और बेरोजगारी को लेकर परेशान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मांगों को सुनने के बजाय सरकार छात्रों के आंदोलन का जवाब AK-47 की गोलियों से दे रही है। लालू ने लोगों से 19 अगस्त को पटना में एकजुट होकर सरकार के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ मार्च में शामिल होने की अपील की।
सिवान में क्या हुआ था?
25 जुलाई को बिहार के सिवान जिले में NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल कथित तौर पर AK-47 राइफल का इस्तेमाल करता नजर आया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कथित फायरिंग में किसी को चोट नहीं लगी थी।
पुलिस ने यह भी कहा था कि प्रदर्शन के दौरान बल को गोली नहीं चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। मामले की जांच भी शुरू की गई है।
तेजस्वी ने भी उठाई थी कार्रवाई की मांग
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी सिवान की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि केवल कांस्टेबल को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है।
तेजस्वी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर कथित तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हथियार के इस्तेमाल का आदेश देने का आरोप है।
उन्होंने कहा था कि महागठबंधन के नेता राज्यपाल से मुलाकात कर इस घटना को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।
25 जुलाई को कई जिलों में हुआ था प्रदर्शन
25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार बंद के समर्थन में कई जिलों में प्रदर्शन किया था।
पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर में बंद के दौरान स्थिति तनावपूर्ण रही। वहीं, समस्तीपुर, नवादा, नालंदा, मधुबनी और शेखपुरा में अपेक्षाकृत हल्के प्रदर्शन हुए।
पटना के डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और ईंटें फेंकीं, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
19 अगस्त के मार्च पर नजर
लालू प्रसाद के आह्वान के बाद 19 अगस्त को होने वाला मार्च बिहार की राजनीति में एक और मुद्दा बन सकता है। RJD और महागठबंधन सिवान की घटना के साथ-साथ पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
हालांकि, AK-47 से फायरिंग और इसके आदेश को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है। ऐसे में मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।





