ATM से खाली हाथ लौटे, खाते से कट गए 10 हजार! अब बैंक देगा 70 हजार रुपए

केरल में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक बैंक को बड़ी राहत न देने पर कड़ा रुख अपनाया है। एटीएम से पैसे न निकलने के बावजूद ग्राहक के खाते से 10,000 रुपये कटने के मामले में आयोग ने बैंक को कुल 70,000 रुपये का मुआवजा और रिफंड देने का आदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 1 मार्च 2014 की है। केरल के एक व्यक्ति ने किसी दूसरे बैंक के एटीएम से 10,000 रुपये निकालने की कोशिश की थी। ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन एटीएम मशीन से कैश बाहर नहीं आया। इसके कुछ देर बाद ही उपभोक्ता के मोबाइल पर खाते से 10,000 रुपये कटने का मैसेज आ गया। पीड़ित ग्राहक ने बैंक से संपर्क किया लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। इसके बाद मार्च 2015 में वकील के जरिए कानूनी नोटिस भेजा गया, फिर भी बैंक ने लापरवाही बरती।
उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला
त्रिशूर जिला उपभोक्ता आयोग (जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष सी.टी. साबू और सदस्य श्रीजा एस व राम मोहन आर ने की) ने इस मामले की सुनवाई की। आयोग ने पाया कि बैंक ने बिना किसी ठोस सबूत के ग्राहक के दावे को खारिज कर दिया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि ग्राहक की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने मुख्य बैंक के प्रति होती है। बैंक तकनीकी समस्या का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता।
बैंक को चुकाना होगा हर्जाना
उपभोक्ता आयोग ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह ग्राहक को निम्नलिखित राशि का भुगतान एक महीने के भीतर करे:
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कटे हुए 10,000 रुपये का रिफंड।
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मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा।
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मुकदमे के खर्च के रूप में 10,000 रुपये।





