कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद शिवम मिश्रा को जमानत

कानपुर में हुए हाई-स्पीड लेम्बोर्गिनी एक्सीडेंट मामले में गिरफ्तार किए गए 26 वर्षीय शिवम मिश्रा को कोर्ट से जमानत मिल गई है। पुलिस ने उन्हें रविवार को हुए हादसे के सिलसिले में हिरासत में लिया था, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे। गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही अदालत ने उन्हें राहत दे दी।
शिवम मिश्रा के वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि शिवम को 20,000 रुपये के निजी मुचलके और 20,000 रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया जा रहा है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही थी और उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी गलत तरीके से की गई।
यह गिरफ्तारी उस कार्रवाई के एक दिन बाद हुई, जब पुलिस ने कथित प्रक्रियागत लापरवाही को लेकर एक स्थानीय थाना प्रभारी (एसएचओ) के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए थे।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रविवार को रिंग वाला चौराहा के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, एक तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो, जो कथित तौर पर तंबाकू निर्यातक केके मिश्रा की कंपनी से जुड़ी बताई जा रही है, अनियंत्रित हो गई। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा और सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। इसके बाद गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई और वहां मौजूद लोगों को भी चपेट में ले लिया। इस हादसे में ऑटो चालक तौसीफ अहमद और मोटरसाइकिल सवार विशाल तथा सोनू त्रिपाठी घायल हो गए।
तौसीफ अहमद की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत लापरवाही से वाहन चलाने, जान को खतरे में डालने और खतरनाक तरीके से चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान पुलिस ने शिवम मिश्रा को चालक के रूप में चिन्हित किया और उनका नाम एफआईआर में जोड़ा।
कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि लेम्बोर्गिनी कार को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि हादसे के समय शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहे थे और उन्हें निजी सुरक्षा कर्मियों ने वाहन से बाहर निकाला था।
मामले की जांच जारी है।





