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झारखंड में छात्रों का विधानसभा घेराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों ने रांची में विधानसभा की ओर मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कुछ प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस के मुताबिक, बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया।

विधानसभा की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी छात्र

छात्रों ने सोमवार सुबह रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। कुछ छात्र बैरिकेड पर चढ़ते भी नजर आए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन चलाए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

पुलिस ने लाठीचार्ज पर क्या कहा?

रांची ग्रामीण के एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि कुछ छात्रों ने अंतिम बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू है। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, छात्रों से लगातार बातचीत की जा रही थी और प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए वहीं रुकने पर सहमत हुए थे।

हालांकि, प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के दौरान छात्रों के सिर, चेहरे और हाथ पर चोटें आईं।

एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे देवेंद्र महतो

JLKM के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले नौ दिनों से अनशन पर हैं। लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया। सोमवार को वह एंबुलेंस के जरिए विधानसभा मार्च में पहुंचे।

महतो इससे पहले छात्रों से बड़ी संख्या में विधानसभा मार्च में शामिल होने की अपील कर चुके थे। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र

रांची में विधानसभा मार्च को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जगन्नाथ मंदिर के पास मार्च के रास्ते में रेजर फेंसिंग भी लगाई गई है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुराने विधानसभा भवन के पास पुलिस बैरिकेडिंग पार की और नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेंगे और जहां पुलिस उन्हें रोकेगी, वहीं बैठकर प्रदर्शन करेंगे।

छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?

JPSC और JSSC अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए CBI जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में 2019 के बाद आयोजित कुछ JSSC परीक्षाओं को रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल है।

इसके अलावा प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, कैटेगरी के अनुसार कटऑफ जारी करने, OMR कॉपी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराने तथा UPSC और SSC की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से नहीं निकला रास्ता

रविवार को झारखंड सरकार और छात्रों के बीच आंदोलन खत्म कराने के लिए छठे दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि, बैठक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनकी महत्वपूर्ण मांगें अब भी लंबित हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच जैसी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सहमति नहीं बनी है।

JPSC में भी बड़ा घटनाक्रम

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में भी बड़ा बदलाव हुआ। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

यह घटनाक्रम झारखंड CID की ओर से कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामले में आयोग के सदस्यों को समन किए जाने के बाद सामने आया। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

फिलहाल रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध खत्म होता है या आंदोलन आगे और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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