CJP Protest के बाद झारखंड में क्यों भड़का छात्र आंदोलन? जानिए JPSC-JSSC विवाद की पूरी कहानी

Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से चल रहे धरने के बीच कई छात्र अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस आंदोलन को Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी समर्थन दिया है।
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं छात्रों की मांगें?
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी हुई है, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
छात्र निजी एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एजेंसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
भूख हड़ताल में बढ़ रही छात्रों की संख्या
आंदोलन के दौरान कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
आंदोलनकारी नेताओं का आरोप है कि परीक्षा विवाद पर सरकार की धीमी कार्रवाई से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
विधानसभा मार्च का ऐलान
प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए विधानसभा मार्च की भी घोषणा की है।
झारखंड क्रांतिकारी लोकतांत्रिक मोर्चा (JKLM) ने 6 अगस्त को मार्च निकालने का ऐलान किया है। वहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य छात्र संगठनों ने 7 अगस्त को अलग मार्च की घोषणा की है। कुछ स्वतंत्र छात्र समूह 10 अगस्त को भी प्रदर्शन करेंगे।
CJP ने आंदोलन का किया समर्थन
NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर आंदोलन का नेतृत्व करने वाली Cockroach Janta Party (CJP) ने भी झारखंड के छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने झारखंड के छात्र नेताओं से बातचीत की है और संगठन छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है।
सरकार ने क्या कहा?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और CID तथा विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए संवैधानिक दायरे में हर संभव कदम उठाएगी।
देशभर से मिल रहा समर्थन
रांची में चल रहे इस आंदोलन को देश के विभिन्न हिस्सों से भी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कई लोग ऑनलाइन माध्यम से भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।
आंदोलन के आगे बढ़ने के साथ अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।





