Swatantra Bhardwaj की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ाई गई, बढ़ीं नई धाराएं

दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट के मामले में आरोपी हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर Swatantra Bhardwaj को 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कई गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
Swatantra Bhardwaj पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक छात्र एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट के सिलसिले में कार्रवाई की गई है। पिछले हफ्ते हुई इस गिरफ्तारी के बाद से मामला काफी चर्चा में है। गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर उनके समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन भी किया था।
क्या है Habeas Corpus याचिका?
कानूनी भाषा में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका तब दायर की जाती है जब किसी व्यक्ति की अवैध गिरफ्तारी या हिरासत को चुनौती दी जाती है। हाईकोर्ट के इस मामले में सुनवाई करने के बाद यह देखना अहम होगा कि अदालत की ओर से क्या निर्देश सामने आते हैं।
पुलिस कार्रवाई और नई धाराएं
बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था. शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) की धाराएं जोड़ दी हैं।





