‘जग वसंत’ जहाज भारत पंहुचा, घरेलू गैस आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से भरा जहाज ‘जग वसंत’ गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है। इस जहाज में लगभग 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी है, जिसे देश में घरेलू गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इसके अलावा एक और जहाज ‘पाइन गैस’ 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 27 मार्च को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचेगा। जग वसंत फिलहाल वडीनार बंदरगाह से लगभग 10 नॉटिकल मील की दूरी पर लंगर डाले खड़ा है। बंदरगाह में सुरक्षा और परिचालन उपायों को बढ़ा दिया गया है। जहाज से एलपीजी को छोटी टगबोट ‘रोज’ में शिफ्ट किया जाएगा। इसके आने से घरेलू गैस आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।
यह जहाज फरवरी के आखिर में फारस की खाड़ी में प्रवेश कर चुका था। उस समय क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई जहाज फंसे हुए थे। जग वसंत ने कुवैत से और पाइन गैस ने यूएई के रुवाइस से एलपीजी लोड किया था। इस महीने की शुरुआत में भी भारतीय झंडे वाले दो और एलपीजी कैरियर सफलतापूर्वक भारत पहुंचे थे।
फिलहाल फारस की खाड़ी में 20 भारतीय जहाज 540 नाविकों के साथ मौजूद हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जो तेल और गैस शिपमेंट के लिए एक अहम रास्ता है, फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तनावपूर्ण हो गया था। ईरान ने पानी के रास्ते से आने-जाने पर रोक लगा दी थी और केवल कुछ देशों, जैसे भारत, के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी।
शिपिंग पैटर्न से पता चलता है कि ईरान जहाजों को अपने समुद्र तट के किनारे से गुजरने का निर्देश दे रहा है ताकि ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सके। वहीं, ओमान के पास के रास्ते में जोखिम अधिक देखा गया है। पूरा रास्ता तय करने में लगभग 14 घंटे लगते हैं।





