ईरान के परमाणु ठिकाने पर मंडरा रहा अमेरिकी हमले का खतरा, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के Pickaxe Mountain पर बहुत जल्द हमला कर सकता है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर वहां कुछ भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो अमेरिका कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
क्या है Pickaxe Mountain?
Pickaxe Mountain ईरान के नतांज स्थित यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास बना एक बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर है। यह जगह जमीन के काफी नीचे बनाई गई है और यहां दो गहरे भूमिगत सुरंग तंत्र होने की जानकारी सामने आई है।
गहरी जमीन के नीचे होने की वजह से यह परिसर सामान्य हवाई हमलों से अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। यही वजह है कि इस जगह पर संभावित अमेरिकी हमला ईरान के परमाणु ढांचे के खिलाफ अभियान में बड़ा कदम माना जाएगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का अभियान मुख्य रूप से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए है।
उन्होंने कहा कि अगर Pickaxe Mountain में कोई गतिविधि होती है तो अमेरिका उसे निशाना बना सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ईरान में हो रही गतिविधियों की जानकारी है और अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई करेगी।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है।
हजारों सेंट्रीफ्यूज ले जाने का दावा
Pickaxe Mountain को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज को इस गहरे भूमिगत परिसर में स्थानांतरित किया है।
सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने की प्रक्रिया में किया जाता है। ऐसे में इस परिसर की गतिविधियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सैन्य संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों और पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमलों के बाद की गई।
ट्रंप ने ईरान के रडार सिस्टम को लेकर भी किया दावा
ट्रंप ने ईरान के रडार सिस्टम को लेकर भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने हाल में दो बार उसके अत्याधुनिक रडार ठिकानों को नष्ट किया है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने पहले अमेरिकी हमले के बाद नए रडार तैनात किए थे, लेकिन उन्हें भी निशाना बनाया गया। ट्रंप के मुताबिक, इसके बाद ईरान की ओर से रडार तैनाती में कमी आई है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की
ईरान ने अमेरिकी हमलों को कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई में सैन्य ठिकानों के अलावा गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर “रक्षात्मक हमलों” का दावा किया है।
अब ट्रंप की Pickaxe Mountain पर संभावित कार्रवाई की चेतावनी ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। अगर अमेरिका इस भूमिगत परमाणु परिसर को निशाना बनाता है, तो इसे ईरान के परमाणु ढांचे के खिलाफ अभियान में एक बड़ा और संभावित रूप से खतरनाक escalation माना जा सकता है।





