ईरान का भीषण हमला: इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन की बारिश, मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा

Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने मंगलवार को एक बार फिर इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। यह जानकारी ईरान के स्टेट-लिंक्ड मीडिया Press TV के हवाले से सामने आई है।
‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत तेज हुई कार्रवाई
IRGC के अनुसार, ये हमले उसके जारी जवाबी अभियान “True Promise 4” का हिस्सा हैं। संगठन ने कहा कि इस बार “अत्यधिक संवेदनशील” ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जो क्षेत्र में तनाव के और बढ़ने का संकेत है।
डिमोना, तेल अवीव और इलात बने निशाना
ईरान ने दावा किया कि हमलों में Dimona, Tel Aviv और Eilat जैसे प्रमुख स्थानों के साथ कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को टारगेट किया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
एडवांस्ड मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल
IRGC ने बताया कि हमलों में Emad और Qadr जैसे मल्टी-वारहेड बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम के साथ अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इसे ईरान के सैन्य अभियान में एक बड़ा एस्केलेशन माना जा रहा है।
आगे और हमलों के संकेत
ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके अतिरिक्त सैन्य बल, जिसमें कॉम्बैट यूनिट्स और Basij शामिल हैं, अभी तैनात नहीं किए गए हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में संघर्ष और बढ़ सकता है।
कुवैत में बिजली आपूर्ति प्रभावित
इस बीच Kuwait के बिजली और जल मंत्रालय ने बताया कि एयर डिफेंस गतिविधियों के दौरान गिरे मलबे से ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में बिजली कटौती हुई।
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी यह टकराव अब पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा सप्लाई पर भी पड़ सकता है।





