IPL 2026: नहीं हटेगा ‘Impact Player’ नियम, अक्षर पटेल की आलोचना के बाद सौरव गांगुली का बड़ा बयान

IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में Impact Player Rule को लेकर छिड़ी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल ही में टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर और दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने इस नियम की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है।
क्या है पूरा विवाद?
अक्षर पटेल का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम ऑलराउंडर्स (All-rounders) के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। इस नियम की वजह से टीमें अब प्लेइंग इलेवन में शुद्ध बल्लेबाज या शुद्ध गेंदबाज को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे उन खिलाड़ियों की भूमिका कम हो गई है जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देते थे। अक्षर के अनुसार, यह नियम खेल के स्वाभाविक संतुलन को बिगाड़ रहा है।
सौरव गांगुली का स्टैंड: “नियम बना रहेगा”
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक सौरव गांगुली ने मंगलवार को इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि भले ही इस पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन IPL Impact Player Rule फिलहाल खत्म नहीं होने वाला है। गांगुली ने स्पष्ट किया कि यह नियम टूर्नामेंट को अधिक रोमांचक और रणनीतिक बनाता है, और प्रबंधन इसे लंबी अवधि के लिए देख रहा है।
इस नियम का खेल पर प्रभाव
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के आने से IPL के मैचों में कई बदलाव देखे गए हैं:
• बड़े स्कोर: टीमों के पास अतिरिक्त बल्लेबाज होने के कारण 200+ का स्कोर अब आम बात हो गई है।
• रणनीतिक गहराई: कप्तानों के पास टॉस के बाद अपनी टीम को परिस्थितियों के अनुसार ढालने का मौका होता है।
• ऑलराउंडर्स की चुनौती: जैसा कि अक्षर पटेल ने कहा, हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को छोड़कर, उभरते हुए ऑलराउंडर्स के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना मुश्किल हो रहा है।
IPL 2026 के करीब आते ही इस नियम पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। जहां गांगुली जैसे दिग्गज इसे “फ्यूचर-रेडी” मान रहे हैं, वहीं सक्रिय खिलाड़ी इसे खेल की मूल भावना के खिलाफ देख रहे हैं। अब देखना यह होगा कि BCCI भविष्य में खिलाड़ियों के हितों और दर्शकों के मनोरंजन के बीच कैसे संतुलन बनाता है।





