पिछले आठ कारोबारी सत्रों में निवेशकों को 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए बेहद बुरा रहा. दरअसल भरतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है और पिछले आठ कारोबारी सत्रों में निवेशकों को 27 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकासान हुआ है.
BSE सेंसेक्स के आंकड़ों के अनुसार, 5 फरवरी 2025 को कुल बाजार पूंजीकरण 42,80,3611.66 करोड़ रुपए था. हालांकि, लगातार आठ सत्रों की गिरावट के बाद अब यह 40,09,9281.11 करोड़ रुपए रह गया है. इसका मतलब है कि इस दौरान बाजार को 27 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है. बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स में ही पिछले आठ सत्रों में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई है.
इस गिरावट की मुख्य वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है. वैश्विक कारक भी बाजार की धारणा को कमजोर करने में भूमिका निभा रहे हैं. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने चिंता बढ़ा दी है. इसके अलावा, उच्च शेयर मूल्यांकन ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. हाल ही में केंद्रीय बजट की घोषणा के बावजूद, बाजार ने कई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखाई. विशेषज्ञों का मानना है कि टेपरिंग के कारण कम हुई लिक्विडिटी, कॉर्पोरेट आय में मंदी, उच्च मूल्यांकन और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं सहित कई कारक मौजूदा सुधार में योगदान दे रहे हैं.
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “बाजार ने सप्ताह का समापन एक निराशाजनक नोट पर किया, जिसमें बिकवाली की भावना थी. रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों में कटौती की कम होती संभावनाओं और उद्योग के कमजोर आंकड़ों के कारण सतर्क हो गए. व्यापक बाजार दबाव में है, लेकिन लार्ज-कैप शेयरों का लचीलापन एक सकारात्मक संकेत है. भारतीय बाजार ने अतीत में इसी तरह की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है, जिसमें टेपर टैंट्रम से लेकर भू-राजनीतिक चिंताएं शामिल हैं.”





