राजधानी में खुला अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी का नेटवर्क, चार तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली: लाल किला में जैश-ए-मोहम्मद प्रेरित बम विस्फोट की घटना के मात्र दस दिनों के भीतर ही दिल्ली में एक और गंभीर सुरक्षा खतरा उजागर हुआ है. राजधानी की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके धागे पाकिस्तान से होते हुए चीन और तुर्किए तक पहुंचते हैं. इस पूरे ऑपरेशन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की प्रत्यक्ष संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं.
चार गिरफ्तार, खतरनाक हथियारों की बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में चार प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लिया है. गिरफ्तार अभियुक्तों में मंदीप, दलविंदर, रोहन और अजय शामिल हैं. इनके पास से अत्याधुनिक तकनीक से लैस 10 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टलें और 92 सक्रिय कारतूस जब्त किए गए हैं. बरामद हथियारों में तुर्की निर्मित PX-5.7 और चीनी PX-3 मॉडल की पिस्टलें हैं, जो सामान्यतः विशेष बलों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए तैयार की जाती हैं.
दिल्ली | दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तानी ISI से जुड़े एक इंटरनेशनल हथियार तस्करी गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है: अजय, मंदीप, दलविंदर और रोहन। यह गैंग पाकिस्तान के रास्ते भारत में तुर्की और चीन में बनी महंगी पिस्तौलें सप्लाई कर रहा था। pic.twitter.com/0X21pOSMJI
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) November 22, 2025
कैसे काम करता था यह घातक नेटवर्क
जांच के दौरान सामने आया कि इन घातक हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला अत्यंत सुनियोजित थी. सबसे पहले तुर्किए और चीन से इन हथियारों को पाकिस्तान में मंगवाया जाता था. फिर ISI के सहयोग से इन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश कराया जाता था. ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए इन हथियारों को पाकिस्तान से पंजाब की सीमा में भेजा जाता, और बाद में दिल्ली समेत आसपास के प्रांतों में गैंगस्टरों और अपराधियों के हाथों में पहुंचाया जाता था. अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह का एकमात्र उद्देश्य देश में हिंसा और आतंक का वातावरण निर्मित करना था.
जारी है गहन जांच
क्राइम ब्रांच की टीम अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि इस गिरोह द्वारा भारत में कुल कितने हथियार बेचे गए और वे किन-किन गैंगों या अपराधियों के पास पहुंचे. इसके लिए मोबाइल फोन के रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल फॉरेंसिक साधनों का प्रयोग किया जा रहा है. प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि इस हथियार आपूर्ति में कई स्थानीय गुंडों और गिरोहों की भूमिका थी.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों ने इस नेटवर्क में मुख्य रूप से हथियारों की ढुलाई और वितरण का दायित्व संभाला था, जबकि संपूर्ण रणनीति और संचालन ISI के निर्देशन में संचालित हो रहा था.





