AI साइंस-टेक्नोलॉजीविदेश

Nepal Flood: Infosys पब्लिक सर्विसेज के CEO Lax Gopisetty लापता, तलाश जारी

नेपाल के रसुवा जिले में आए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के सीईओ लैक्स गोपीसेट्टी (Lax Gopisetty) से संपर्क टूट गया है। कंपनी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है।

नेपाल में आए भीषण जलप्रलय और बाढ़ के कारण भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के सीईओ लैक्स गोपीसेट्टी (Lax Gopisetty) लापता बताए जा रहे हैं। वह नेपाल के रसुवा जिले और नेपाल-तिब्बत सीमा के पास के इलाकों में गए हुए थे।

निजी दौरे पर थे गोपीसेट्टी

कंपनी के अनुसार, लैक्स गोपीसेट्टी इस क्षेत्र में निजी दौरे पर गए थे। बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इंफोसिस संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर उनसे संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रही है।

परिवार को मिल रही है सहायता

इंफोसिस ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता सीईओ की सुरक्षा और कुशलता है। कंपनी उनके परिवार के लगातार संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

राहत और बचाव कार्य जारी

बता दें कि 26 अगस्त को इस क्षेत्र में अचानक भीषण बाढ़ आई थी। इस प्राकृतिक आपदा से भारी तबाही मची है, जिसमें कई सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे बह गए हैं। इस आपदा ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के मुख्य मार्गों को भी प्रभावित किया है। भारत सरकार भी नेपाल के बचाव और राहत कार्यों में लगातार सहायता कर रही है और निकासी अभियानों का समन्वय कर रही है।

करियर और पेशेवर पृष्ठभूमि

लैक्स गोपीसेट्टी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज का नेतृत्व करते हैं, जो मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा में पब्लिक-सेक्टर टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करती है। इंफोसिस से जुड़ने से पहले, उन्होंने Accenture और अन्य प्रमुख तकनीकी और परामर्श फर्मों में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाएं निभाई हैं।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button