पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का जवाबी एक्शन – पाकिस्तान पर कड़े फैसले और POK पर बड़ी कार्रवाई के संकेत

पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच कड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं।
भारत सरकार के पांच बड़े फैसले:
1. ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद: भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित ऑटारी चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा। इससे सीमित आवाजाही भी पूरी तरह रुक जाएगी।
2. इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास बंद: पाकिस्तान की राजधानी में मौजूद भारतीय दूतावास को बंद किया जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क ठप हो जाएगा।
3. इंडस वॉटर ट्रीटी स्थगित: भारत ने सिंधु जल संधि पर अमल को रोकने का फैसला लिया है, जिससे पाकिस्तान को जल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा।
4. पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासन: भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।
5. वीजा सेवा स्थगित: अब किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत का वीजा जारी नहीं किया जाएगा।
साथ हीं आज गुरुवार (24 अप्रैल) को तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान सरकार का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया है।
हमले के बाद भारत को वैश्विक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से हॉटलाइन पर बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को समर्थन दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देने की प्रतिबद्धता जताई है। फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इटली और सऊदी अरब समेत कई देश भारत के साथ खड़े हैं।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार के पास अब पीओके पर सीधी सैन्य कार्रवाई का मजबूत विकल्प मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक, एलओसी के पास पीओके में 42 आतंकी लॉन्चिंग पैड सक्रिय हैं, जिनमें 110 से 130 आतंकवादी मौजूद हैं। ऐसे में सरकार के सैन्य विकल्पों में पीओके पर कार्रवाई प्रमुख हो सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के सफाए का संकल्प दोहराया है। देशभर में कड़े एक्शन की मांग हो रही है। हमले के कुछ घंटों के भीतर ही मोदी सरकार की ओर से सात अहम संकेत सामने आए हैं, जिसमें पीएम का विदेशी दौरा छोड़ना, एयरपोर्ट पर सीधा बैठक करना, गृहमंत्री का कश्मीर दौरा और सीसीएस की इमरजेंसी बैठक शामिल हैं।





