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India Vs Pak War: भारत और पाकिस्तान युद्ध में कौन किसके साथ ?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है. भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया में कई कदम उठाए हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ राजयनिक संबंधों को सीमित कर लिया है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच War की संभावनाएं बढ़ती जा रही है. आइए देखते हैं कि सैन्य कार्रवाई की स्थिति में भारत के साथ कौन-कौन से देश खड़े नजर आएंगे.

 

आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में जब पर्यटकों को निशाना बनाया तो दुनिया भर के नेताओं ने इसकी निंदा की थी. इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन, इजरायल, जर्मनी, ईरान और सऊदी अरब समेत दुनिया के कई देशों और मुस्लिम वर्ल्ड लीग जैसे संगठन शामिल थे. इन सभी देशों ने भारत के साथ एकजुटता प्रदर्शित की है.

 

चलिए जानते है कौनसा देश किसके साथ?

अमेरिका:अमेरिका और भारत के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई है, खासकर क्वाड (QUAD) गठबंधन के जरिए. अमेरिका अब भारत को इंडो-पैसिफिक रणनीति में महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है. पहलगाम हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव को ‘लंबे समय से चली आ रही समस्या’ बताया, लेकिन भारत के साथ निकटता का संकेत दिया. युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत को कूटनीतिक समर्थन, खुफिया जानकारी, और संभवतः सैन्य उपकरण प्रदान कर सकता है. हालांकि, अमेरिका खुलकर सैन्य हस्तक्षेप से बच सकता है.

रूस:रूस और भारत के बीच दशकों पुराना रक्षा और कूटनीतिक रिश्ता है. भारत ने रूस से सुखोई-30, S-400 जैसे अहम हथियार खरीदे हैं. 1971 के युद्ध में रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया था. जंग के वक्त भी रूस भारत को हथियारों की आपूर्ति और संयुक्त राष्ट्र में समर्थन दे सकता है.

 

फ्रांस:फ्रांस भारत को राफेल लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य हथियार देता रहा है. दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा समझौते हैं. पहलगाम हमले के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ फोन पर चर्चा की थी. युद्ध में फ्रांस भारत को हथियारों की आपूर्ति और कूटनीतिक समर्थन दे सकता है.

 

इजरायल:इजरायल और भारत के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग मजबूत है. 1999 के कारगिल युद्ध में इजरायल ने भारत को ड्रोन और नाइट विजन डिवाइस दिए थे. युद्ध की स्थिति में इजरायल भारत को सैन्य तकनीक और खुफिया जानकारी दे सकता है.

 

जापान और ऑस्ट्रेलिया:क्वाड के सदस्य के रूप में जापान और ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ मजबूत रणनीतिक रिश्ते रखते हैं. दोनों देश चीन की क्षेत्रीय आक्रामकता को संतुलित करने के लिए भारत का समर्थन करते हैं. युद्ध में ये देश भारत को कूटनीतिक और आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते हैं.

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