भारत-अमेरिका व्यापार फैक्ट शीट ‘साझा समझ’ को दर्शाती है: विदेश मंत्रालय

भारत ने गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में किए गए हालिया बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ के अनुरूप हैं। नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका की ओर से जारी संयुक्त बयान ही इस अंतरिम व्यापार समझौते का आधार है और वही दोनों पक्षों की सहमति को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने पारस्परिक और आपसी लाभ वाले व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे को लेकर संयुक्त बयान जारी किया था। उसी ढांचे के तहत अमेरिका की फैक्ट शीट में किए गए संशोधन साझा समझ को ही दर्शाते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका के बीच हुए तथाकथित “ऐतिहासिक” व्यापार समझौते से जुड़ी फैक्ट शीट को अपडेट किया।
पहली फैक्ट शीट 9 फरवरी को संयुक्त बयान के बाद जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य व कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने या खत्म करने पर सहमत हुआ है। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ड्राई फ्रूट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल थे।
हालांकि 10 फरवरी को जारी संशोधित फैक्ट शीट में “कुछ दालों” को इस सूची से हटा दिया गया। विदेश मंत्रालय ने इस बदलाव की वजह नहीं बताई, लेकिन साफ किया कि फैक्ट शीट नहीं, बल्कि संयुक्त बयान ही इस अंतरिम व्यापार समझौते का मार्गदर्शक दस्तावेज है।
भारत और अमेरिका के बीच यह अंतरिम समझौता भविष्य में एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिसका मकसद टैरिफ बाधाओं को कम करना और घरेलू हितों को संतुलित रखते हुए बाजार तक पहुंच बढ़ाना है।





