भारत

अगले पांच साल में 50 नए एयरपोर्ट बनाएगा भारत, रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री K. Rammohan Naidu ने शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में देश में 50 नए हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इससे देश के रियल एस्टेट सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे। मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट रियल एस्टेट सेक्टर के लिए “मजबूत ढांचा” की तरह काम करते हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास इमारतों की ऊंचाई से जुड़ी पाबंदियों के मुद्दे को भी सुलझाने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि विमानन सुरक्षा से समझौता किए बिना विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

भारत इस समय दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है। देश में फिलहाल 165 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं। मंत्री के अनुसार, औसतन हर 33 दिन में एक नया एयरपोर्ट या नया टर्मिनल बनकर तैयार हो रहा है। उन्होंने यह बातें नई दिल्ली में आयोजित नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 में कही, जिसका आयोजन रियल एस्टेट क्षेत्र की संस्था NAREDCO ने किया था।

रियल एस्टेट सेक्टर की संभावनाओं पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है और 2047 तक इसकी वैल्यू 5 से 7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट विकास में सिर्फ “स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग” यानी जीवन स्तर ही नहीं, बल्कि “क्वालिटी ऑफ लिविंग” यानी जीवन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। बेहतर जीवन स्तर से संपत्तियां बनेंगी, जबकि जीवन की गुणवत्ता पर ध्यान देने से लोगों का समग्र कल्याण होगा।

वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए किराये के मकानों (रेंटल हाउसिंग) पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है और ऐसे प्रोजेक्ट विकसित किए जाने चाहिए, जिन्हें आसानी से किराये पर दिया जा सके।

सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट विस्तार और शहरी विकास साथ-साथ चलेंगे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर दोनों को नई रफ्तार मिलेगी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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