भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ: ईंधन संकट से जूझ रहे श्रीलंका को भेजी 38,000 MT पेट्रोल-डीजल की खेप

दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों के बीच सहयोग की एक नई मिसाल पेश करते हुए, भारत ने ईंधन की कमी से जूझ रहे श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पादों की एक बड़ी खेप भेजी है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 38,000 मीट्रिक टन (MT) ईंधन की यह खेप 28 मार्च, 2026 को कोलंबो पहुँची।
ईंधन संकट और भारत की त्वरित प्रतिक्रिया
श्रीलंका इस समय ऊर्जा की भारी किल्लत का सामना कर रहा है, जिसके कारण वहाँ पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और जहाजों की अनुपलब्धता के कारण श्रीलंका के पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स में बाधा आई, जिसके बाद कोलंबो ने भारत से मदद की गुहार लगाई।
भारत द्वारा भेजी गई इस मदद में शामिल है:
1. 20,000 मीट्रिक टन डीजल
2. 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खेप से श्रीलंका की सड़कों पर दौड़ने वाले लगभग 8 लाख से 10 लाख वाहनों को राहत मिलेगी।
राजनयिक संवाद का परिणाम
यह मदद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच हुई हालिया टेलीफोनिक बातचीत के ठीक बाद आई है। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की थी। यह पहल भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighborhood First) नीति और ‘सागर’ (SAGAR) विजन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पड़ोसियों की मदद में अग्रणी भारत
केवल श्रीलंका ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश और मालदीव ने भी तेल आपूर्ति के लिए भारत से अनुरोध किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि भारत अपनी घरेलू जरूरतों और रिफाइनिंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए अपने पड़ोसियों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।





