भारत ने गाजा पर बढ़ते हमलों पर जताई चिंता, मानवीय सहायता का आह्वान

गाजा पट्टी में संघर्ष विराम की कोशिशों के बीच मंगलवार को इजराइल ने भारी हवाई हमले किए, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और 17 महीने से जारी युद्ध फिर से भड़कने के कगार पर है। इजराइल ने यह हमला तब किया जब हमास ने संघर्ष विराम की नई शर्तों को खारिज कर दिया। इस हमले के बाद गाजा में व्यापक स्तर पर तबाही हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास की ओर से नई शर्तों को अस्वीकार करने के बाद यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।
भारत ने गाजा की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए वहां के लोगों के लिए मानवीय सहायता जारी रखने का आह्वान किया है और सभी बंधकों की रिहाई की मांग की है। वहीं, अमेरिका ने पुष्टि की कि इजराइल ने हमले से पहले वॉशिंगटन से परामर्श किया था और उसे इस फैसले का पूरा समर्थन प्राप्त है। इस हमले के बाद इजराइली सेना ने गाजा के पूर्वी हिस्से के नागरिकों को वहां से हटने और मध्य भाग में जाने का आदेश दिया है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि इजराइल जल्द ही एक नया जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर सकता है।
हमास की ओर से अब तक कोई जवाबी हमला नहीं हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह अभी भी संघर्ष विराम बहाल होने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे बंधकों के लिए “मौत की सजा” करार दिया है। इस युद्ध में अब तक 46,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि गाजा में व्यापक स्तर पर विनाश हो चुका है। रमजान के दौरान हुए इस हमले से पूरे मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।





