‘स्किल ज़रूरी है या मार्क्स?’ – परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने दिया छात्रों को खास संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों के साथ संवाद किया. इस दौरान देशभर के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों ने पीएम मोदी से परीक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे. आत्मविश्वास से लेकर परीक्षा के तनाव तक, कई विषयों पर चर्चा हुई.
छात्र का सवाल – स्किल या मार्क्स?
सभावत वेंकटेश नाम के एक छात्र ने पीएम मोदी से पूछा – “सर, मुझे टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स में बहुत रुचि है. आपने कहा था कि स्किल ज़्यादा ज़रूरी है, लेकिन बाहर लोग कहते हैं कि मार्क्स ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं. यह सोच-सोचकर हमारे मन में डर बैठ जाता है. आप बताइए – स्किल ज़्यादा ज़रूरी है या मार्क्स?”
पीएम मोदी का जवाब – संतुलन ज़रूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब देते हुए कहा, “हर चीज़ में संतुलन होना चाहिए, बैलेंस होना चाहिए. एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे कि नहीं गिरोगे? स्किल भी दो प्रकार के होते हैं – एक है लाइफ स्किल, दूसरा है प्रोफेशनल स्किल. मैं कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए. बिना पढ़े कोई भी स्किल नहीं आ सकती, यह भी ज्ञान से ही मिलती है.”
मार्क्स की बीमारी पर पीएम की राय
पीएम मोदी ने कहा, “मार्क्स की यह बीमारी कई सालों से चली आ रही है. कोई कहता है यह पढ़ो, कोई कहता है ऐसे पढ़ाई करो… जबकि हमें पूरे सिलेबस पर ध्यान देना होगा, हर चीज़ पर बराबर फोकस करना होगा.”
उन्होंने खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा, “अगर किसी खिलाड़ी को बॉलिंग करनी है तो वह पूरे शरीर को तैयार करता है, न कि सिर्फ कंधे को. जैसे एक प्लेयर को अपने लक्ष्य को पाने के लिए संपूर्ण शरीर की चिंता करनी पड़ती है, वैसे ही हमारी ज़िंदगी सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं है. हमारे जीवन को बनाने के लिए शिक्षा एक माध्यम है.”
परीक्षा का असली मक़सद
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा, “अल्टीमेट गोल संपूर्ण जीवन के विकास का होना चाहिए. हमें अपने आप को सीमित नहीं करना चाहिए. एग्ज़ाम आपको एग्ज़ामिन करने के लिए होते हैं. अल्टीमेट गोल एग्ज़ाम के नंबर नहीं हो सकते.”
इस साल के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देशभर के छात्रों ने भाग लिया और पीएम मोदी से प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्राप्त किया.
परीक्षा में चर्चा में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक शांति भी जरूरी है. पीएम मोदी बच्चों को ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने की सलाह देते हैं, जिसका मतलब है कि परीक्षा से डरना नहीं, बल्कि उसका बहादुरी से सामना करना है. पीएम मोदी की सलाह मानकर आप परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकते हैं. पीएम मोदी ने अभी तक परीक्षा पे चर्चा में ये 5 मंत्र दिए हैं-
पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
- परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं.
- प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से.
- डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग.
- मुश्किल काम पहले निपटाएं.
- एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं.





