हमारे दौर में बड़ों पर सवाल नहीं उठते थे, Gen Z तर्क मांगती है: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में नई पीढ़ी यानी Gen Z को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अगर युवा अपनी बात रखने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। वे हमारे अपने लोग हैं और उन्हें हर सवाल का तार्किक जवाब चाहिए।
भागवत ने कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग बड़े-बुजुर्गों की बात बिना सवाल किए मान लेते थे, लेकिन आज की Gen Z ऐसा नहीं करती। उन्होंने कहा, “आज के युवा हर बात का तर्क चाहते हैं और यह गलत नहीं है। मुझे लगता है कि Gen Z और Gen Alpha हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार हैं। देशभक्ति और समाज सेवा की सच्ची भावना उन्हें प्रभावित करती है।”
दिल्ली में पिछले महीने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया, इसकी वजह को समझने और जांचने की जरूरत है।
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि केवल एक-दो सुधार काफी नहीं हैं। शिक्षा को कारोबार नहीं बनना चाहिए और हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंचनी चाहिए। उन्होंने स्कूल फीस पर नियंत्रण, शिक्षकों की बेहतर ट्रेनिंग और शिक्षा बजट को बढ़ाकर जीडीपी का 6 प्रतिशत करने की भी बात कही। उनके अनुसार शिक्षा में समाज की भागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर लोगों का नजरिया बदलना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की बजाय आत्म-अनुशासन अपनाने की सलाह दी। पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों पर भागवत ने कहा कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में सरकार के फैसलों के साथ खड़ा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के साथ बातचीत जारी रखने की वकालत करते हुए कहा कि स्थायी दुश्मनी किसी के लिए भी अच्छी नहीं होती।
LGBTQ समुदाय और समलैंगिक विवाह पर उन्होंने कहा कि LGBTQ समाज का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विवाह समाज की एक महत्वपूर्ण संस्था है, इसलिए इस विषय पर कानून बनाकर संतुलित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है।
जलवायु परिवर्तन पर भागवत ने कहा कि मौजूदा विकास मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास के तरीके बदलने होंगे और इसके लिए समाज को भी सरकार पर सकारात्मक दबाव बनाना चाहिए।




