New Delhi: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। हिमाचल प्रदेश में जहां 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, वहीं असम के गुवाहाटी में सोमवार रात से हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश के कारण सड़कें प्रभावित हुई हैं और लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
हिमाचल में 3 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 3 सितंबर तक मानसून की सक्रिय स्थिति बने रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
1 सितंबर के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
2 सितंबर को कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश हो सकती है।
98 सड़कें बंद, बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित
खराब मौसम का असर हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। राज्य में 98 सड़कें बंद हैं, जबकि 107 बिजली ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 37 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में है, जहां 43 सड़कें बंद बताई गई हैं।
प्रशासन ने बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने, जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों तथा अन्य संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
गुवाहाटी में भारी बारिश से जलभराव
असम के गुवाहाटी में भी सोमवार रात से हुई भारी बारिश ने कई इलाकों की परेशानी बढ़ा दी। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बारोवारी इलाके में एक पेड़ गिरने से एक कार और स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
गुवाहाटी क्लब इलाके में भी भारी जलभराव देखने को मिला। यहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई।
जलभराव को लेकर लोगों में नाराजगी
गुवाहाटी में बार-बार होने वाले जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करने और शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।





