अयोध्या में रामनवमी का भव्य उत्सव शुरू, रामलला के सूर्य तिलक का विश्वभर में सीधा प्रसारण

अयोध्या में रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पवित्र सरयू नदी में स्नान के साथ इस भव्य उत्सव की शुरुआत हुई। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं और सुबह से ही घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रद्धालु ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ स्नान कर रहे हैं और स्नान के पश्चात नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं।
रामनवमी के अवसर पर रामलला के दरबार में विशेष जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सबसे पहले रामलला का एक घंटे तक अभिषेक होगा, फिर भोग अर्पित कर श्रृंगार की प्रक्रिया शुरू होगी। ठीक दोपहर 12 बजे रामलला का ‘जन्म’ होगा। इस विशेष क्षण में सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर तिलक करेंगी, जिसे ‘सूर्य तिलक’ कहा जाता है।
इस ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर और अयोध्या के विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। साथ ही दूरदर्शन व अन्य माध्यमों से इसका सीधा प्रसारण किया जा रहा है ताकि देश-दुनिया के भक्त इस दिव्य क्षण के साक्षी बन सकें।
रामलला के सूर्य तिलक की यह घटना तीन शुभ योगों—रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सुकर्मा योग—में संपन्न हो रही है। सूर्य तिलक की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए मंदिर के ऊपरी तल पर विशेष लेंस और रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जिससे सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर 75 मिमी के आकार में केंद्रित हों।
रामनवमी के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सरयू घाटों पर जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। रेलवे स्टेशन पर 200 से अधिक आरपीएफ जवानों को लगाया गया है, और 235 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
भीड़ नियंत्रण के लिए स्टेशन के पास तीन होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जा सके। प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग गेट तय किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रामनवमी मेले के दौरान किए गए प्रबंधों में सहयोग करें और किसी भी परेशानी की स्थिति में मौके पर तैनात अधिकारियों से सहायता लें। अयोध्या प्रशासन का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि हर भक्त को रामलला के दर्शन सुलभ हो सकें और किसी को कोई असुविधा न हो।
यह रामनवमी केवल पर्व नहीं, बल्कि इतिहास बन रहा है – जिसमें अयोध्या और पूरी दुनिया एक साथ प्रभु श्रीराम के जन्म का पर्व मना रही है।





