खाद घोटाले पर सख्ती: सरकार ने 5,371 कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए

केंद्र सरकार ने काले बाज़ार, भंडारण और घटिया गुणवत्ता वाले खाद बेचने के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 5,371 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह जानकारी केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने कहा कि राज्यों के पास कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन केंद्र भी Essential Commodities Act और Fertiliser Control Order के तहत डाइवर्जन, होर्डिंग और ओवरप्राइसिंग पर नज़र रखता है।
नड्डा ने बताया कि ब्लैक मार्केटिंग के मामलों में 5,058 शो-कॉज़ नोटिस जारी किए गए, 442 FIR दर्ज हुईं और 3,732 लाइसेंस रद्द किए गए। भंडारण के मामलों में 687 नोटिस, 202 लाइसेंस रद्द और 446 FIR हुईं। घटिया खाद बेचने के मामलों में 3,811 नोटिस भेजे गए, 1,437 लाइसेंस रद्द किए गए और 65 FIR दर्ज हुईं। डाइवर्जन के मामलों में 3,058 नोटिस, 464 लाइसेंस रद्द और 96 FIR दर्ज हुईं। पिछले सात महीनों में कुल 12,814 नोटिस जारी हुए, 5,835 लाइसेंस रद्द हुए और 649 FIR दर्ज हुईं, जिनमें 442 FIR ब्लैक मार्केटिंग से जुड़ी थीं।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों को समय पर खाद उपलब्ध करा रही है और इसकी आपूर्ति को Integrated Fertiliser Monitoring System से रियल-टाइम में मॉनिटर किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार किसान ज़रूरत से ज़्यादा बैग खरीद लेते हैं, ऐसे मामले रोकने में राज्य सरकार को सहयोग करना होगा।
बीजेपी सांसद किरण चौधरी ने कहा कि किसानों को खाद लेते समय अतिरिक्त उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने सख्त प्रोटोकॉल और कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय डीलरों और कंपनियों से बात करेगा, ताकि किसानों को परेशानी न हो और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।





