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पहली तस्वीर से पहली सेल्फी तक: फोटोग्राफी की दुनिया के ऐतिहासिक FIRSTS

कैमरे के इतिहास में ऐसे कई पल हैं, जिन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया। जानिए पहली तस्वीर से लेकर डिजिटल कैमरे और कैमरा फोन तक की दिलचस्प कहानी।

FIRST: दुनिया की पहली स्थायी तस्वीर

साल: 1826/1827 | वैज्ञानिक: जोसेफ निसेफोर निएप्स

दुनिया की सबसे पुरानी बची हुई स्थायी तस्वीर फ्रांस के आविष्कारक जोसेफ निसेफोर निएप्स ने बनाई थी। इसे “View from the Window at Le Gras” के नाम से जाना जाता है। यह तस्वीर कैमरा ऑब्स्क्यूरा और प्रकाश-संवेदनशील बिटुमेन की मदद से बनाई गई थी। इसे तैयार होने में कई घंटों का एक्सपोजर लगा।

मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम इसे सबसे शुरुआती ज्ञात तस्वीर के रूप में दर्ज करता है और इसकी तारीख 1826 बताता है।

रोचक तथ्य: तस्वीर में खिड़की से दिखाई देने वाली इमारतें और छतें नजर आती हैं।

FIRST: अमेरिका में पहली तस्वीर

साल: 1839

फोटोग्राफी की तकनीक अमेरिका पहुंचते ही तेजी से लोकप्रिय होने लगी। Smithsonian के अनुसार जॉन सेक्सटन द्वारा 1839 में बनाई गई फिलाडेल्फिया की एक तस्वीर को अमेरिका की सबसे शुरुआती बची हुई तस्वीरों में गिना जाता है।

यानी फोटोग्राफी के सार्वजनिक होने के कुछ ही समय बाद अमेरिका में भी कैमरे ने इतिहास दर्ज करना शुरू कर दिया था।

FIRST: पहला कैमरा

साल: 1839 | सैमुअल मोर्स

फोटोग्राफी के शुरुआती दौर में कैमरे आज के कैमरों जैसे बिल्कुल नहीं थे। Smithsonian के अनुसार टेलीग्राफ के आविष्कारक सैमुअल एफ.बी. मोर्स 1839 में फ्रांस से एक डैग्युरियोटाइप कैमरा अमेरिका लेकर आए और इसे अमेरिका का शायद पहला कैमरा माना जाता है।

रोचक तथ्य: शुरुआती कैमरों में तस्वीर लेने में कई मिनट लग सकते थे।

FIRST: पहला फोटोग्राफिक पोर्ट्रेट

साल: 1839/1840 | जॉन डब्ल्यू. ड्रेपर

अमेरिका में बना पहला फोटोग्राफिक पोर्ट्रेट डोरोथी कैथरीन ड्रेपर का माना जाता है। यह तस्वीर उनके भाई डॉ. जॉन डब्ल्यू. ड्रेपर ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टूडियो में बनाई थी।

उस समय एक्सपोजर लंबा होता था, इसलिए तस्वीर खिंचवाने वाले व्यक्ति को लंबे समय तक बिल्कुल स्थिर बैठना पड़ता था।

FIRST: पहली सेल्फी जैसी तस्वीर

साल: 1839 | रॉबर्ट कॉर्नेलियस

आज हम इसे “सेल्फी” कहते हैं, लेकिन सेल्फी का विचार स्मार्टफोन से बहुत पुराना है। अमेरिकी फोटोग्राफर रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने 1839 में अपना सेल्फ-पोर्ट्रेट बनाया। Smithsonian इसे अमेरिका के सबसे पुराने ज्ञात फोटोग्राफिक पोर्ट्रेट्स में शामिल करता है।

उन्हें कैमरे के सामने कुछ देर स्थिर रहना पड़ा और फिर कैमरे से हटकर तस्वीर का एक्सपोजर पूरा करना पड़ा। यानी पहली “सेल्फी” में सेल्फी स्टिक नहीं, पूरा धैर्य चाहिए था!

FIRST: अमेरिका का पहला सेल्फ-पोर्ट्रेट

साल: 1839 | हेनरी फिट्ज जूनियर

Smithsonian के अनुसार हेनरी फिट्ज जूनियर का 1839 का डैग्युरियोटाइप सेल्फ-पोर्ट्रेट अमेरिका में लिया गया पहला सेल्फ-पोर्ट्रेट माना जाता है। इसमें करीब पांच मिनट का एक्सपोजर लगा था। आज की सेकंडों में बनने वाली सेल्फी के मुकाबले यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी।

FIRST: पहली रंगीन तस्वीर

साल: 1861 | जेम्स क्लर्क मैक्सवेल और थॉमस सटन

रंगीन फोटोग्राफी की शुरुआत का श्रेय आम तौर पर जेम्स क्लर्क मैक्सवेल और फोटोग्राफर थॉमस सटन के प्रयोग को दिया जाता है 1861 में सटन ने एक रंगीन रिबन की तीन अलग-अलग तस्वीरें लाल, हरे और नीले फिल्टर के जरिए लीं। इन्हें साथ प्रोजेक्ट करने पर रंगीन तस्वीर का प्रभाव पैदा हुआ।

रोचक तथ्य: यही लाल-हरा-नीला यानी RGB सिद्धांत आज की डिजिटल इमेजिंग में भी बेहद महत्वपूर्ण है।

FIRST: रंगीन फोटोग्राफी को लेकर एक जरूरी ट्विस्ट

“पहली रंगीन तस्वीर” कहना जितना आसान लगता है, इतिहास उतना सीधा नहीं है। 19वीं सदी में कई वैज्ञानिक रंगीन तस्वीर बनाने की कोशिश कर रहे थे। Smithsonian भी चेतावनी देता है कि ऐसे “first” दावों को तय करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए 1861 की मैक्सवेल-सटन तस्वीर को आम तौर पर तीन-रंग प्रक्रिया की पहली सफल सार्वजनिक रंगीन तस्वीर के रूप में बताया जाता है।

FIRST: पहली एरियल फोटोग्राफी

साल: 1858 | फोटोग्राफर: नादार

फ्रांसीसी फोटोग्राफर गैस्पार फेलिक्स तुर्नाशों, जिन्हें नादार के नाम से जाना जाता था, ने 1858 में गर्म हवा के गुब्बारे से फ्रांस के Petit-Bicêtre क्षेत्र की तस्वीरें लेने की कोशिश की। Smithsonian के National Air and Space Museum के अनुसार नादार को पहली एरियल फोटोग्राफी का श्रेय दिया जाता है।

रोचक तथ्य: वे गुब्बारे की टोकरी में पूरा डार्करूम तक ले गए थे।

FIRST: सबसे पुरानी बची हुई एरियल तस्वीर

साल: 1860 | जेम्स वॉलेस ब्लैक

अमेरिका में जेम्स वॉलेस ब्लैक ने 1860 में गुब्बारे से बोस्टन की तस्वीर ली। Smithsonian के अनुसार यह सबसे पुरानी बची हुई एरियल तस्वीर है। तस्वीर करीब 1,200 फीट की ऊंचाई से ली गई थी।

यहीं से ऊपर से दुनिया को देखने वाली फोटोग्राफी का एक नया दौर शुरू हुआ।

FIRST: तस्वीर में गति को कैद करने की शुरुआत

साल: 1878 | ईडवर्ड म्युइब्रिज

क्या घोड़ा दौड़ते समय एक पल के लिए अपने चारों पैर जमीन से ऊपर उठा लेता है?

इस सवाल का जवाब खोजने के लिए ईडवर्ड म्युइब्रिज ने 1878 में कई कैमरों का इस्तेमाल किया और घोड़े की दौड़ को लगातार तस्वीरों में कैद किया। इन तस्वीरों ने पहली बार इंसान को बेहद तेज गति को अलग-अलग फ्रेम में देखने का मौका दिया।

FIRST: चांद की तस्वीर

साल: 1839 | जॉन विलियम ड्रेपर

चांद उन शुरुआती खगोलीय पिंडों में था, जिसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया गया। Library of Congress के रिकॉर्ड के अनुसार जॉन विलियम ड्रेपर ने 1839 में चांद को विषय बनाकर शुरुआती एस्ट्रोफोटोग्राफ बनाए।

बाद में 1851 में जॉन एडम्स व्हिपल की चांद की तस्वीरों ने इस क्षेत्र को और बेहतर बनाया।

FIRST: चांद की शुरुआती साफ तस्वीरों में एक

साल: 1851 | जॉन एडम्स व्हिपल

व्हिपल ने 1851 में बोस्टन से बड़े टेलीस्कोप की मदद से चांद की तस्वीर बनाई। Library of Congress के अनुसार यह तस्वीर करीब 13 सेकंड के एक्सपोजर से बनी और उस समय इसकी गुणवत्ता में बड़ा सुधार माना गया।

FIRST: अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली तस्वीर

साल: 1946

अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली तस्वीर लेने के लिए इंसानों को अंतरिक्ष यात्री बनने का इंतजार नहीं करना पड़ा। 24 अक्टूबर 1946 को अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक पकड़े गए जर्मन V-2 रॉकेट पर कैमरा लगाया गया। करीब 65 मील की ऊंचाई से कैमरे ने पृथ्वी की तस्वीरें लीं।

रोचक तथ्य: रॉकेट वापस गिर गया, लेकिन कैमरे की फिल्म बच गई।

FIRST: कक्षा से पृथ्वी की तस्वीर

साल: 1959 | Explorer 6

14 अगस्त 1959 को Explorer 6 उपग्रह ने पृथ्वी की कक्षा से पहली तस्वीर ली। NASA के अनुसार यह तस्वीर करीब 17,000 मील की ऊंचाई से ली गई थी, हालांकि इसकी गुणवत्ता आज की तस्वीरों जैसी नहीं थी।

FIRST: पृथ्वी का पूरा गोलाकार रूप

साल: 1966 | Molniya 1-3

30 मई 1966 को सोवियत Molniya 1-3 संचार उपग्रह ने पृथ्वी को पहली बार लगभग पूरे डिस्क यानी गोलाकार रूप में दिखाने वाली तस्वीर भेजी। NASA इसे पृथ्वी की पहली full-disk photograph बताता है।

FIRST: चांद की दूरी से पृथ्वी की तस्वीर

साल: 1966 | Lunar Orbiter 1

23 अगस्त 1966 को Lunar Orbiter 1 ने चांद की कक्षा से पृथ्वी की तस्वीर ली। NASA के अनुसार यह चांद की दूरी से पृथ्वी की पहली तस्वीर थी। इसने पहली बार पृथ्वी को किसी दूसरे खगोलीय पिंड के आसपास से देखने का अनुभव दिया।

FIRST: अंतरिक्ष यात्री द्वारा चांद से पृथ्वी की तस्वीर

साल: 1968 | Apollo 8

Apollo 8 मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की कक्षा से पृथ्वी को उगते हुए देखा और ऐतिहासिक Earthrise तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर ने पृथ्वी को एक छोटे, नीले और सीमित ग्रह के रूप में देखने की मानव सोच को बदल दिया। NASA इसे पृथ्वी की सबसे प्रसिद्ध तस्वीरों में शामिल करता है।

FIRST: पूरी रोशनी में पृथ्वी की मशहूर तस्वीर

साल: 1972 | Apollo 17 | “Blue Marble”

7 दिसंबर 1972 को Apollo 17 के अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की मशहूर “Blue Marble” तस्वीर ली। NASA के अनुसार यह पूरी तरह प्रकाशित पृथ्वी की पहली वास्तविक रंगीन तस्वीर के रूप में प्रसिद्ध हुई।

रोचक तथ्य: इस तस्वीर में अफ्रीका और अंटार्कटिका का बड़ा हिस्सा साफ दिखाई देता है।

FIRST: दुनिया का पहला डिजिटल कैमरा

साल: 1975 | स्टीव सैसन

फिल्म से डिजिटल फोटोग्राफी की दुनिया में बड़ा बदलाव Kodak के इंजीनियर स्टीव सैसन ने किया।

1975 में उन्होंने दुनिया का पहला डिजिटल कैमरा प्रोटोटाइप बनाया। Kodak के अनुसार यह कैमरा टोस्टर के आकार का था और सिर्फ 10,000 पिक्सल यानी 0.01 मेगापिक्सल की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर रिकॉर्ड करता था।

आज के स्मार्टफोन कैमरों के मुकाबले यह बेहद छोटा रिजॉल्यूशन था—लेकिन यहीं से डिजिटल क्रांति शुरू हुई।—

FIRST: डिजिटल फोटोग्राफी का नया दौर

साल: 1990 के दशक

डिजिटल कैमरे धीरे-धीरे प्रयोगशालाओं से निकलकर पेशेवर फोटोग्राफी तक पहुंचने लगे।

Computer History Museum के अनुसार Kodak DCS 460 पहला ऐसा डिजिटल कैमरा था जिसे पेशेवर फोटोग्राफी के लिए पर्याप्त सटीक माना गया।

यहीं से फोटो खींचने के बाद फिल्म धुलने का इंतजार धीरे-धीरे खत्म होने लगा।

FIRST: फोटो एडिटिंग की डिजिटल क्रांति

साल: 1987–1990 | Photoshop

फोटोग्राफी में डिजिटल एडिटिंग की दुनिया बदलने वाले सॉफ्टवेयर Photoshop की शुरुआत 1987 में Thomas Knoll के “Display” प्रोग्राम से हुई।

Adobe के अनुसार Knoll भाइयों ने इसे विकसित किया और Adobe ने 1990 में Photoshop का पहला संस्करण जारी किया। इसके बाद फोटो सिर्फ कैमरे से खींची जाने वाली चीज नहीं रही—उसे डिजिटल रूप से बदला भी जा सकता था।

INDIA SPECIAL: भारत में फोटोग्राफी के शुरुआती सितारे

नाम: राजा दीन दयाल

भारत में शुरुआती फोटोग्राफी के इतिहास में राजा लाला दीन दयाल का नाम बेहद महत्वपूर्ण है।

IGNCA के अनुसार दीन दयाल 19वीं सदी के भारत के सबसे महत्वपूर्ण फोटोग्राफरों में थे। उन्होंने राजघरानों, ब्रिटिश अधिकारियों, आम लोगों, स्मारकों और भारतीय जीवन को कैमरे में दर्ज किया। वे हैदराबाद के निजाम के Court Photographer भी बने।

IGNCA के पास उनके करीब 3,000 ग्लास प्लेट नेगेटिव्स का महत्वपूर्ण संग्रह है।

रोचक तथ्य: दीन दयाल ने भारत में कई सफल स्टूडियो स्थापित किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई।

भारत में शुरुआती स्टूडियो फोटोग्राफी

भारत में फोटोग्राफी के शुरुआती दौर में कई स्टूडियो सक्रिय हुए।

DAG के अनुसार ब्रिटिश भारत 19वीं सदी में यूरोप के बाहर पेशेवर फोटोग्राफिक स्टूडियो विकसित करने वाले शुरुआती देशों में शामिल था। Bourne and Shepherd, Shepherd and Robertson और Abbas Ali Studio जैसे स्टूडियो ने भारत के लोगों, शहरों, स्मारकों और सामाजिक जीवन को कैमरे में दर्ज किया।

 

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