AI से स्पेस टेक तक, पुणे में लगेगा विज्ञान का मेला – इंडिया साइंस फेस्टिवल 2026

पुणे के IISER कैंपस में 10 और 11 जनवरी को इंडिया साइंस फेस्टिवल का सातवां संस्करण आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर एडवांसिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FAST इंडिया) और बजाज ऑटो लिमिटेड के सहयोग से हो रहा है। इस फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन समेत कई बड़े वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
FAST इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रभाकर झा ने कहा कि उनका उद्देश्य विज्ञान, समाज और नवाचार के बीच मजबूत संबंध बनाना है। उन्होंने कहा कि इंडिया साइंस फेस्टिवल इस मिशन का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाना, जिज्ञासा को बढ़ाना और युवाओं को प्रेरित करना है। झा ने बताया कि यह देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी विज्ञान मंच है, और इस बार फेस्टिवल का फोकस ‘डीप इनोवेशन’ पर है, ताकि विज्ञान की मदद से वास्तविक समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सके।
फेस्टिवल में कई विषयों पर विशेषज्ञों की बातचीत, पैनल चर्चा और फायरसाइड चैट आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, डिफेंस टेक, ग्रीन व्हीकल्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे विषय कवर होंगे। प्रमुख वक्ताओं में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, प्रो. वेंकी रामकृष्णन, Essential AI के CEO आशीष वासवानी, गोडेल प्राइज विजेता एशन चट्टोपाध्याय, NASA की अक्षता कृष्णमूर्ति, IBM फेलो कुश वार्ष्णेय और कैंब्रिज विश्वविद्यालय के प्रो. निक्कु मधुसूदन शामिल हैं।
IISER पुणे के डीन (इंटरनेशनल रिलेशंस एंड आउटरीच) प्रो. अर्नब मुखर्जी ने कहा कि उन्हें इस फेस्टिवल की मेजबानी करके खुशी है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्रों, वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और आम लोगों के बीच सार्थक संवाद होगा। उन्होंने बताया कि दो दिन के इस आयोजन में हजारों युवा छात्र कैंपस में आकर सीखने, खोजने और प्रेरित होने का मौका पाएंगे।





