नेपाल में बाढ़ बनी बड़ी त्रासदी, 584 लोगों की मौत; भारत ने भेजी 62 टन राहत सामग्री

काठमांडू: नेपाल में भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 584 हो गई है, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को राहत और बचाव अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, देश में अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है और 977 से अधिक लोग लापता हैं। वहीं, चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक तिब्बत में भी कम से कम पांच लोगों की जान गई है। बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए 14 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 3,742 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
Third flight with assistance from India reaches Kathmandu.
Relief supplies and an 11-member medical and tunnel rescue team are now on the ground.
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— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 28, 2026
यह आपदा 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में आई सबसे घातक आपदाओं में से एक बन गई है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, ग्लेशियर के टूटने के कारण अचानक भारी मात्रा में पानी, बर्फ और मलबा नीचे की ओर आया, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।
तिब्बत में बांध टूटने के बाद बढ़ी चिंता
शुक्रवार को तिब्बत की ओर एक बांध टूटने के बाद नेपाल में भी अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया। नेपाल पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों, बचाव दल और राहतकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि हालात बिगड़ने पर सभी लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
भारत ने भेजी 62 टन राहत सामग्री
नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बाद भारत ने मदद के लिए 62 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है। बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत पहला बड़ा देश है, जिसने राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई है। शुक्रवार शाम तक भारत तीन हवाई खेपों के जरिए राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका था। वहीं, अमेरिका, चीन और अन्य देश व अंतरराष्ट्रीय संगठन भी नेपाल की मदद के लिए सहायता जुटा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारत की टीमें भी नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में सहयोग कर रही हैं। फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और लापता लोगों को खोजने का अभियान जारी है।





