फिजी के प्रधानमंत्री भारत दौरे पर, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
फिजी गणराज्य के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामाडा राबुका अपनी पत्नी सुलुवेती राबुका के साथ रविवार को चार दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राबुका का स्वागत किया।

फिजी गणराज्य के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामाडा राबुका अपनी पत्नी सुलुवेती राबुका के साथ रविवार को चार दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राबुका का स्वागत किया।
Warm welcome to PM Sitiveni Rabuka of Fiji @slrabuka as he arrives in New Delhi on his first visit.
PM Rabuka was received by MoS Education & DoNER @DrSukantaBJP at the airport.
The visit will further deepen 🇮🇳-🇫🇯 partnership across diverse sectors. pic.twitter.com/zLWW5rW5GL
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 24, 2025
राबुका का यह दौरा 24 अगस्त से 27 अगस्त तक चलेगा। 25 अगस्त को राबुका राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यहां पर समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा और प्रेस स्टेटमेंट भी दिया जाएगा। इसके बाद राबुका राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। 26 अगस्त को फिजी के प्रधानमंत्री इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में सप्रू हाउस में व्याख्यान देंगे। 27 अगस्त को वे नई दिल्ली से प्रस्थान करेंगे।
भारत और फिजी के रिश्ते काफी पुराने हैं। दोनों देशों के बीच संबंध 1879 से शुरू हुए, जब भारतीय मजदूरों को गन्ने के खेतों में काम करने के लिए फिजी ले जाया गया। 1879 से 1916 के बीच करीब 60,553 भारतीयों को फिजी भेजा गया था। 1920 में गिरमिटिया प्रथा (Indenture System) खत्म कर दी गई। फिजी की आज़ादी से पहले 1948 में भारत ने वहां अपना कमिश्नर नियुक्त किया, जिसे 1970 में हाई कमीशन का दर्जा दिया गया।





