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फैक्ट चेक: वीडियो बनाकर रेस्क्यू की अपील करने वाली वैशाली यादव की गिरफ़्तारी की फर्जी खबर सोशल मीडिया पर हुई वायरल

फैक्ट चेक: वीडियो बनाकर रेस्क्यू की अपील करने वाली वैशाली यादव की गिरफ़्तारी की फर्जी खबर सोशल मीडिया पर हुई वायरल

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं, ऐसे में कई छात्रों ने रेस्क्यू के लिए अपने वीडियो बनाकर भारतीय सरकार से मदद मांगी है। इसी बीच रेस्क्यू की गुहार लगाने वाली वैशाली यादव नामक युवती का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।   

इसी वैशाली यादव की तस्वीर को बाद में सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जाने लगा कि वैशाली यूक्रेन में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ही मौजूद हैं और चूंकि वैशाली के पिता महेंद्र यादव सपा नेता हैं इसलिए उन्होंने यह वीडियो भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए बनाया था। पोस्ट में कहा गया है कि वैशाली की इस हरकत के चलते हरदोई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है।  

फेसबुक पर वैशाली यादव की तस्वीर शेयर करते हुए हिंदी भाषा में लिखा गया है कि “यूक्रेन में मेडिकल छात्रा बताकर सरकार पर आरोप लगाकर वीडियो बनाने वाली लड़की वैशाली यादव पुत्री महेंद्र यादव, हरदोई की है।  जब पुलिस ने पकड़ा तो पता चला कि वीडियो पिता के कहने पर सरकार को बदनाम करने के लिये बनाया वैशाली के पिता समाजवादी पार्टी के नेता है। 

उपरोक्त पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।    

वायरल इस पोस्ट को फेसबुक पर एक हज़ार से अधिक लाइक तथा पांच सौ से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है।  

फैक्ट चेक 

न्यूज़मोबाइल ने अपनी जांच में वायरल पोस्ट को भ्रामक पाया।  

वायरल दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल पोस्ट से संबंधित कुछ कीवर्ड्स के माध्यम से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित UttarPradesh.Org नामक एक यूट्यूब चैनल पर 2 मिनट 40 सेकंड का एक वीडियो मिला।

उपरोक्त प्राप्त वीडियो के पहले भाग में वैशाली यादव स्वयं वायरल दावे पर सफाई देते हुए कहती है कि पहले वह यूक्रेन में फंसी हुई थी लेकिन अब वह सुरक्षित रोमानिया पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा कि इससे पहले रेस्क्यू के लिए उनके द्वारा बनाया गया वीडियो भारत में अब भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।

 

यूट्यूब पर मिले इस वीडियो के दूसरे भाग में हरदोई की एडीएम ‘वंदना त्रिवेदी’ ने वैशाली यादव की गिरफ्तारी वाली वायरल खबर का खंडन किया है। एडीएम वंदना ने अपने बयान में बताया कि वह पहले यूक्रेन में फंसी थी लेकिन अब वे रोमानिया में हैं। उन्होंने बताया कि यह सत्य है कि वैशाली यादव हरदोई के ‘तेरा पुरसौली’ गांव की मौजूदा प्रधान हैं लेकिन प्रधान होते हुए भी वह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहीं थी। जिसके तहत वैशाली के भारत वापस लौटते ही हरदोई के पंचायती राज व्यवस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में उन पर कार्रवाई होना लगभग तय है।

पड़ताल के दौरान हमें हरदोई जिले के SP राजेश द्विवेदी द्वारा दी गयी बाइट का एक वीडियो भी फेसबुक के ‘द लास्ट पेज न्यूज़‘ नामक पेज पर मिला। जहां SP राजेश ने वैशाली यादव की गिरफ़्तारी वाली खबर का खंडन करते हुए कहा कि “जिस लड़की की बात हो रही है वो अभी रोमानिया में है और उसके द्वारा हेल्प के लिए वीडियो जारी किया गया था. पुलिस द्वारा जनपद में इस संबंध में कोई एक्शन लिए जाने वाली बातें सही नहीं है।”   

एडीएम वंदना त्रिवेदी और एसपी राजेश द्विवेदी द्वारा दी गयी जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि वैशाली यादव भारत में नहीं बल्कि रोमानिया में है, जो पहले यूक्रेन में फंसी हुईं थी। साथ ही वैशाली के हरदोई में होने व पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने वाली खबर भी बिलकुल गलत है। 

 

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