फैक्ट चेक: पुलिस द्वारा पिटाई का यह वीडियो सपा नेता कमाल अख्तर का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: पुलिस द्वारा पिटाई का यह वीडियो सपा नेता कमाल अख्तर का नहीं, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक दो वीडियो क्लिप के साथ एक पोस्ट में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के पहले हिस्से में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में किसी आईएएस या पीसीएस की हिम्मत नहीं है, जो कमल अख्तर (वह खुद) के फोन करने पर आपका काम करने से मना कर दें, वहीं वीडियो के दूसरे हिस्से में कुछ पुलिस कर्मी एक व्यक्ति को लाठियों से पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में लोगों से यह बड़ी-बड़ी बातें करने वाला यह व्यक्ति समाजवादी पार्टी का नेता कमाल अख्तर है। जिसे बाद में यूपी पुलिस ने इस तरह लाठियों से पीटा।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “अल्लाह तौबा-तौबा… अल्लाह ने माफ़ नहीं किया!* *समाजवाद पार्टी का छुटभैया नेता कमाल अख्तर उत्तरप्रदेश के शासन प्रशासन को अपनी शिफारिश वाले सारे काम करने की धमकी दे रहा था! *उतर प्रदेश की पुलिस ने तुरन्त ही उसको उसकी असली औकात दिखा दी”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो में पुलिस लाठियां खाते दिख रहे व्यत्कि सपा नेता कमाल अख्तर नहीं बल्कि कोई और है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो ABP न्यूज़ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे करीब अप्रैल 09, 2021 को अपलोड किया गया था।
प्राप्त यूट्यूब वीडियो में वायरल वीडियो के पहले हिस्से को बखूबी देखा जा सकता है। यहाँ जानकारी दी जा रही है कि अमरोहा में समाजवादी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने साल 2021 के दौरान यह विवादित बयान दिया था। वीडियो के कैप्शन में जानकारी दी गयी है कि समाजवादी नेता ने भरी सभा में कहा था कि उत्तर प्रदेश के किसी भी आईएएस-आईपीएस में इतनी हिम्मत नहीं, जो कमाल अख्तर के किसी भी काम को मना कर दे.उन्होंने ये बयान पंचायती चुनाव को लेकर हो रही सभा में दिया. उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है।
उपरोक्त प्राप्त वीडियो से हमने जाना कि वायरल वीडियो का पहला हिस्सा हालिया दिनों का नहीं है बल्कि साल 2021 के दौरान का है। अब हमने वीडियो के दूसरे हिस्से को गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Santosh Chaturvedi नामक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो का दूसरा हिस्सा मिला। जिसे प्राप्त वीडियो में 1 मिनट 30 सेकंड पर देखा जा सकता है। बता दें कि उक्त वीडियो को यूट्यूब पर अप्रैल 25, 2011 कोई अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी दी गयी थी कि वीडियो में पुलिस की लाठियां खाता व्यत्कि समाजवादी पार्टी नेता राजा चतुर्वेदी है।
पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो राजा चतुर्वेदी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर मिला जिसे साल 2011 में अपलोड किया गया था। बता दें कि वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था कि ‘21 फरवरी 2011 की रात्रि 12 बजे बजट सत्र के अंतिम दिन, विधेयक बिल के विरोध प्रदर्शन के दौरान विधानसभा भवन के मुख्य द्वार पर बर्बरता पूर्वक पुलिस लाठी चार्ज।’
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पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि पुराना है साथ ही, वीडियो में पुलिस की लाठियां खाता व्यक्ति समाजवादी नेता राजा चतुर्वेदी है, न कि सपा नेता कमाल अख्तर। बता दें कि वायरल वीडियो का पहला वाला हिस्सा साल 2021 के दौरान का है, साथ ही वीडियो का दूसरा हिस्सा साल 2011 के दौरान का है।





