राजनीति

AAP नेता सौरभ भारद्वाज के घर ED की रेड, राजनीतिक घमासान तेज

दिल्ली सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज के घर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ भारद्वाज के आवास पर जुट गई। बीजेपी नेता और विधायक सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाया कि 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 5,590 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी थी, जिनमें आईसीयू, पॉलीक्लिनिक और अस्पतालों का आधुनिकीकरण शामिल था। जांच में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर आज ED ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि “AAP भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है।”

छापेमारी पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्री आतिशी ने कहा कि जिस समय यह कथित मामला हुआ, सौरभ भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे। “ये छापे पीएम मोदी की फर्जी डिग्री पर उठे सवालों से ध्यान हटाने की रणनीति है। चाहे जितने भी छापे हों, AAP ‘कट्टर ईमानदार’ है और इन धमकियों से नहीं डरती।”


अरविंद केजरीवाल ने भी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार विपक्ष को निशाना बनाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इतिहास में किसी पार्टी को इस तरह टारगेट नहीं किया गया। हम डरने वाले नहीं, देश हित में आवाज उठाते रहेंगे।”

AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पीएम मोदी की डिग्री पर सवालों से बचने के लिए रेड की जा रही है। “जब यह केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ मंत्री ही नहीं थे। यह केस भी फर्जी है, जैसे इनकी डिग्री फर्जी है। सत्येंद्र जैन पर भी तीन साल केस चला, कुछ नहीं मिला।”


कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल सिर्फ विपक्ष के खिलाफ हो रहा है। “अगर सौरभ भारद्वाज बीजेपी में शामिल हो जाएं तो उन्हें कुछ नहीं होगा। कई नेताओं पर गंभीर आरोप थे, लेकिन बीजेपी में जाने के बाद सब खत्म।”

दुर्गेश पाठक और जैस्मिन शाह ने भी रेड को पीएम मोदी की डिग्री विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि जिस अवधि का केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे, इसलिए मामला पूरी तरह झूठा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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