तुर्की में ट्रंप ने क्यों बदला विमान? बोले- ‘धमकी मिली थी’, सीक्रेट सर्विस की सलाह पर लिया फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि तुर्की में हालिया दौरे के दौरान उन्होंने सुरक्षा कारणों से अपना विमान बदला था। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्हें एक संभावित धमकी के बारे में जानकारी मिली थी और उन्होंने सीक्रेट सर्विस तथा सेना की सलाह पर दूसरा विमान लिया।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सुरक्षा अधिकारियों की सलाह का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें धमकी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन उन्हें कई ऐसी धमकियां मिलती हैं, जिनके बारे में आम लोगों को पता नहीं होता।
पहले बदला गया था एयर फोर्स वन
हालिया घटनाक्रम से पहले रिपोर्ट सामने आई थी कि ट्रंप ने तुर्की में कतर की ओर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान की जगह पुराने एयर फोर्स वन का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने एक छोटे C-32A विमान में भी गुप्त रूप से यात्रा की।
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप को पुराने विमान से एक कैटरिंग वाहन के जरिए बाहर निकाला गया और फिर उन्हें छोटे विमान तक पहुंचाया गया। उस समय विमान बदलने के सुरक्षा कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
ईरान से जुड़े खतरे की रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ट्रंप को ईरान से जुड़े प्रॉक्सी समूहों की ओर से संभावित खतरा था। रिपोर्ट के अनुसार, ये समूह किसी खास विमान को निशाना बनाने के बजाय ट्रंप और उनके इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी विमान को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
हालांकि, ईरान या उसके किसी प्रॉक्सी समूह ने ट्रंप के विमान बदलने या कथित धमकी को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।
ट्रंप बोले- ‘मैं ईरान पर भरोसा नहीं करता’
ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि वह ईरान पर भरोसा करने वाले व्यक्ति नहीं हैं और आरोप लगाया कि ईरान ने उनसे लगातार झूठ बोला है।
विमान बदलने की घटना से जुड़े एक वीडियो के बारे में भी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पुराने विमान से कैटरिंग वाहन निकलता दिखाई देता है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप के अनुसार, सुरक्षा से जुड़े मामलों में वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह को प्राथमिकता देते हैं।





