फर्जी पुलिस का कॉल, ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर… 58 साल की महिला ने गंवाए 52 लाख रूपए

नागपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 58 साल की एक महिला को फर्जी पुलिस अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर करीब ₹52 लाख की चपत लगा दी। ठगों ने महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और कई दिनों तक उसे अपने निर्देशों पर चलने के लिए मजबूर किया।
महिला New Somalwara Peth की रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक, 9 अगस्त को उसे एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि महिला के Aadhaar details का इस्तेमाल कथित मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन में किया गया है। इसके बाद उसे गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
फर्जी Documents भेजकर बनाया भरोसा
आरोपियों ने बाद में बातचीत को एक Social Media Platform पर शिफ्ट कर दिया। यहां उन्होंने महिला को कथित तौर पर फर्जी Documents भेजे, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी उनकी कहानी असली लगे।
इसके बाद ठगों ने महिला पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने उसे कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया और अपने बताए अलग-अलग Bank Accounts में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा।
महिला उनके झांसे में आ गई और 9 से 14 अगस्त के बीच कई Transactions किए। इस दौरान उसने करीब ₹52 लाख आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस में शिकायत के बाद सामने आया मामला
कई Transactions करने के बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने Bharatiya Nyaya Sanhita और Indian Penal Code की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब पैसे के Transactions और संबंधित Bank Accounts की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’ का तरीका?
‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का एक तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस या किसी दूसरी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। वे पीड़ित पर किसी गंभीर अपराध में शामिल होने का आरोप लगाते हैं और गिरफ्तारी से बचने के नाम पर पैसे मांगते हैं।
कई मामलों में ठग Video Call पर जुड़े रहने, किसी से बात न करने और अपने Bank Account से पैसे ट्रांसफर करने जैसे निर्देश भी देते हैं। डर और दबाव की वजह से पीड़ित बिना जांच किए उनकी बात मान लेते हैं।
पुलिस ने किया सावधान
Cybercrime अधिकारियों ने लोगों को ऐसे मामलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी असली पुलिस या सरकारी एजेंसी की ओर से फोन या Video Call पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने और गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे मांगने की कोई प्रक्रिया नहीं है।
अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी अधिकारी बताकर गिरफ्तारी की धमकी देता है और पैसे मांगता है, तो घबराएं नहीं। कॉल काटकर तुरंत पुलिस या Cybercrime अधिकारियों से संपर्क करें।
याद रखें, डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाना साइबर ठगों का आम तरीका है।





