Delhi PG Collapse: हादसे से पहले बेसमेंट में डाला गया था 3 ट्रक मलबा, गिरने वाले दिन हटाई गई दीवार; जांच में बड़ा खुलासा

Delhi PG Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हादसे से पहले हुए निर्माण कार्यों को लेकर नई जानकारी सामने आ रही है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार किए गए लेबर कॉन्ट्रैक्टर ने बताया है कि हादसे से कुछ दिन पहले बिल्डिंग के बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा डाला गया था। इसके अलावा जिस दिन इमारत गिरी, उसी दिन ग्राउंड फ्लोर पर एक दीवार भी हटाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इस दीवार को दुकान के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से हटाया गया था। इसके बाद बिल्डिंग ज्यादा भार नहीं सह सकी और ढह गई। रविवार दोपहर हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र और दो मजदूर शामिल थे।
हादसे से करीब 10 दिन पहले शुरू हुआ था काम
पुलिस ने इस मामले में लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनो़ज कुमार को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय सनो़ज कुमार JJ कैंप, मोती बाग का रहने वाला है और मूल रूप से बिहार के बांका जिले के मनिकपुर गांव का निवासी है।
पुलिस के मुताबिक, सनो़ज को बिल्डिंग के मालिक महेश गुप्ता ने हादसे से करीब 10 दिन पहले काम के लिए रखा था। वह बिल्डिंग में चल रहे रेनोवेशन के काम से जुड़ा था।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि रेनोवेशन के दौरान बिल्डिंग के बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा भर दिया गया था। यह मलबा बेसमेंट के स्तर को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए डाला गया था।
हादसे वाले दिन हटाई गई थी दीवार
पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर एक दीवार दुकान के लिए जगह बनाने में बाधा बन रही थी। हादसे वाले दिन इस दीवार को हटा दिया गया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, दीवार हटाए जाने के बाद बिल्डिंग पर पड़ा भार वह सहन नहीं कर सकी और आखिरकार पूरी संरचना ढह गई। पुलिस अब इस निर्माण और रेनोवेशन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
PG ऑपरेटर ने 2019 में DU से की थी पढ़ाई
इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी सुधांशु लोवनेश से भी पुलिस ने पूछताछ की है। 31 वर्षीय सुधांशु भजनपुरा का रहने वाला है और अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ मिलकर सत्य निकेतन इलाके में ‘Hostel Daze’ नाम से PG चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक, सुधांशु ने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद 2022 से उसने शुभम के साथ मिलकर सत्य निकेतन इलाके में PG चलाना शुरू किया। फिलहाल वह आसपास के इलाके में सात PG चला रहा था।
दोनों ने अगस्त 2025 में इस बिल्डिंग की चार मंजिलें ₹1.05 लाख महीने के किराए पर ली थीं। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग की खराब हालत के कारण उन्हें यह संपत्ति तुलनात्मक रूप से कम किराए पर मिली थी।
पुलिस का आरोप है कि सुधांशु को बिल्डिंग में चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी थी, फिर भी उसने यह नहीं समझा कि इससे पूरी इमारत की संरचना प्रभावित हो सकती है।
तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत
बिल्डिंग मालिक महेश, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनो़ज और PG ऑपरेटर सुधांशु को कोर्ट में पेश किया गया, जहां दो दिन की पुलिस हिरासत दी गई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
इससे पहले बिल्डिंग के मालिक हरिराम, जो 81 वर्षीय रिटायर्ड भारतीय वायुसेना कर्मचारी हैं, और उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत मिली है।
किराए के एग्रीमेंट की भी जांच
पुलिस की जांच में PG के किराए के एग्रीमेंट को भी शामिल किया गया है। PTI के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने बताया कि एग्रीमेंट में PG संचालकों को किरायेदारों की किसी भी “casualties or risk” के लिए जिम्मेदार नहीं बताया गया था।
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1 बजे पांच मंजिला PG बिल्डिंग अचानक ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रेनोवेशन और निर्माण से जुड़े किन बदलावों ने बिल्डिंग की संरचना को प्रभावित किया और हादसे से पहले वास्तव में क्या-क्या काम कराया गया था।





